कंपनी सचिवों की भूमिका अहम: कॉरपोरेट गवर्नेंस में बढ़ रही है Expert’s Importance
कानपुर में भारतीय कंपनी सचिव संस्थान की उत्तरी भारत क्षेत्रीय परिषद (एनआईआरसी) के कानपुर चैप्टर द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश राज्य सम्मेलन-2026 में कंपनी सचिवों के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि आज के प्रतिस्पर्धी कारोबारी माहौल में किसी भी कंपनी की सफलता केवल मुनाफे पर निर्भर नहीं करती, बल्कि पारदर्शिता, सुशासन और कानूनी अनुपालन पर भी टिकी है।
कॉरपोरेट कार्य मंत्रालय के सहायक रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज रमेश कुमार पाल ने मुख्य अतिथि के तौर पर कहा कि बदलते नियामक परिदृश्य में कंपनी सचिवों की जिम्मेदारियां पहले से कहीं अधिक बढ़ गई हैं। उन्होंने उच्च-स्तरीय कॉरपोरेट गवर्नेंस और पारदर्शिता को बढ़ावा देने का आह्वान किया।
सम्मेलन में कंपनी सचिवों के लिए नए अवसरों और चुनौतियों पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने बताया कि उत्तर प्रदेश में बढ़ते औद्योगिक और कॉरपोरेट विस्तार के साथ कंपनी सचिवों के लिए नई संभावनाएं खुल रही हैं। तकनीकी सत्रों में ट्रिब्यूनल के समक्ष पैरवी और कॉरपोरेट पुनर्गठन जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे। इस तरह के सम्मेलन पेशेवरों के ज्ञान और कौशल को बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते हैं, जिससे वे बदलते व्यावसायिक परिदृश्य में प्रभावी ढंग से काम कर सकें।
