NEET Result 2026: चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी का सपना पूरा, बेटा बनेगा डॉक्टर; तीसरे प्रयास में मिली सफलता
राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का परिणाम जारी होने के साथ ही आगरा के बाग मुजफ्फर खां निवासी विनोद कुमार का वर्षों पुराना सपना साकार हो गया। उनके बेटे बॉबी ने नीट परीक्षा में अपनी ओबीसी कैटेगरी में 14,520वीं और ऑल इंडिया में लगभग 30 हजारवीं रैंक हासिल कर डॉक्टर बनने की राह प्रशस्त की है। यह सफलता बॉबी के तीसरे प्रयास में मिली है।
विनोद कुमार खंदारी स्थित एक कोचिंग संस्थान में पिछले 15 सालों से ऑफिस असिस्टेंट के तौर पर कार्यरत हैं। सीमित आय के बावजूद, उन्होंने अपने परिवार की हर जरूरत को पूरा किया और अपने बेटे को डॉक्टर बनाने का सपना देखा। कोचिंग संस्थान में पढ़ने वाले छात्रों को देखकर उन्हें यह प्रेरणा मिली। उन्होंने बॉबी को 10वीं के बाद अंग्रेजी माध्यम के स्कूल में दाखिला दिलाया, जो बॉबी के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हुई।
बॉबी ने बताया कि शुरुआत में भाषा की दिक्कतें आईं, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। रोजाना 10 से 12 घंटे की कड़ी मेहनत, बायोलॉजी पर विशेष ध्यान और एनसीईआरटी की किताबों को बार-बार पढ़ने से उन्हें मदद मिली। पेट की समस्या जैसी बाधाओं के बावजूद उन्होंने कोचिंग नहीं छोड़ी। पहले दो प्रयासों में असफलता मिलने पर उन्होंने हताश होकर तैयारी छोड़ने का भी सोचा था, लेकिन परिवार और डॉ. नवीन बलूनी के प्रोत्साहन से वे फिर से जुट गए। डॉ. बलूनी के मार्गदर्शन और कोचिंग शिक्षकों के सहयोग से उन्होंने तीसरी बार पूरी लगन से तैयारी की और आखिरकार सफलता हासिल की।
सफलता के बाद बॉबी ने कहा कि वे मनोविज्ञानी बनकर मानसिक रूप से परेशान लोगों का इलाज करना चाहते हैं। उन्होंने युवाओं को अनुशासन में रहकर रोज के रूटीन का पालन करने और शिक्षकों से मार्गदर्शन लेने की सलाह दी। यह सफलता दर्शाती है कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है, चाहे परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों।
