रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी से हटाई गईं तस्वीरें, सेंसरशिप का आरोप | national news
दिल्ली के प्रतिष्ठित बीकानेर हाउस में कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी और रॉबर्ट वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की सोलो फोटो प्रदर्शनी ‘नो आइडिया इज फाइनल’ विवादों में घिर गई है। आरोप है कि प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ घंटे पहले प्रबंधन के दबाव में 70 से ज्यादा तस्वीरें हटा दी गईं। इस कार्रवाई के बाद कला जगत और राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।
रेहान वाड्रा ने सोशल मीडिया के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए बताया कि उन्हें राजनीतिक माहौल का हवाला देकर तस्वीरें हटाने के लिए मजबूर किया गया। उनके अनुसार, ये तस्वीरें पिछले छह महीनों के दौरान हुए विभिन्न प्रदर्शनों का दस्तावेज थीं और इनमें कोई भी आपत्तिजनक संदेश नहीं था। यहां तक कि तिरंगे की तस्वीर को भी हटाने का दबाव बनाया गया, जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया।
इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रियंका गांधी ने इस कदम को हास्यास्पद और बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह देशभर के युवाओं और कलाकारों की आवाज को दबाने की एक सोची-समझी कोशिश है। प्रदर्शनी में मुख्य रूप से दिल्ली में हुए प्रदर्शनों, पुलिस कार्रवाई और तनावपूर्ण माहौल को दर्शाया गया था, जिसमें एक फ्रेम में राहुल गांधी भी नजर आए थे।
कला और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को लेकर इस घटना ने एक बार फिर बहस छेड़ दी है कि क्या सांस्कृतिक मंचों पर इस तरह का प्रशासनिक हस्तक्षेप उचित है। हालांकि, इस मामले में बीकानेर हाउस प्रबंधन की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इस तरह की घटनाएं भविष्य में कलाकारों की रचनात्मक स्वतंत्रता पर असर डाल सकती हैं।
