कानपुर: सड़क खोदकर पुलिस को रोकते थे 13 शातिर साइबर ठग गिरफ्तार, 2 करोड़ की ठगी का खुलासा
कानपुर में पुलिस ने एक ऐसे साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है जो लोगों को ठगने के लिए अनोखे तरीके अपनाता था। सचेंडी इलाके से 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है, जो पुलिस को गांव तक पहुंचने से रोकने के लिए सड़क खोदकर रखते थे। यह गिरोह पोर्न वीडियो देखने का आरोप लगाकर और प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी करता था।
पुलिस ने ड्रोन की मदद से चार गांवों में दबिश मारकर इन ठगों को पकड़ा। हालांकि, 20 से ज्यादा आरोपी फरार होने में सफल रहे। गिरफ्तार ठगों के पास से 29 मोबाइल, तीन कारें और कई डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अब तक करीब 2 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है।
गिरफ्तार ठगों ने पूछताछ में बताया कि वे खुद को पुलिस अधिकारी या साइबर क्राइम अधिकारी बताकर लोगों को फोन करते थे। वे लोगों को अश्लील वीडियो देखने का आरोप लगाकर डराते थे और पैसे की मांग करते थे। दूसरी टीम पुलिस सायरन बजाकर लोगों में दहशत पैदा करती थी।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि इन आरोपियों के खिलाफ दिल्ली, केरल, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र और उत्तराखंड जैसे सात राज्यों में 189 शिकायतें दर्ज हैं। आरोपियों की उम्र 18 से 30 वर्ष के बीच है और वे कम पढ़े-लिखे हैं। उन्होंने दो से तीन साल में ही करीब 200 लोगों को अपना शिकार बनाया है।
ठगी की रकम मंगाने के लिए ये ठग गेमिंग साइट से क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे, जिससे रकम सीधे गेमिंग साइट पर जाती थी। साइट अपना कमीशन काटकर बाकी रकम आरोपियों के बताए खाते में भेज देती थी। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे गांव की कच्ची सड़कों का विरोध करते थे ताकि पुलिस आसानी से उन तक न पहुंच सके।
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