Lucknow Sewer Crisis: सीवर कंपनी नगर निगम पर ठीकरा फोड़ रही, जनता परेशान
राजधानी लखनऊ में सीवर व्यवस्था को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। जानकीपुरम, अलीगंज और इंदिरा नगर जैसे इलाकों में जलभराव और सीवर की समस्या गंभीर बनी हुई है। शहर में सीवर संचालन का जिम्मा संभाल रही सूएज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने अपनी नाकामयाबी का ठीकरा नगर निगम पर फोड़ दिया है। कंपनी का तर्क है कि खराब ड्रेनेज सिस्टम और अतिक्रमण के कारण सीवर नेटवर्क पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है, जिससे शिकायतें बढ़ रही हैं।
सूएज कंपनी की निरीक्षण रिपोर्ट के अनुसार, कई इलाकों के वर्षा जल नाले गाद और कचरे से पटे हैं। अतिक्रमण और मकानों के रैंप पानी के प्राकृतिक बहाव को रोक रहे हैं। कुछ जगहों पर नालों को सीवर मैनहोल से जोड़ दिया गया है, जिससे कचरा सीवर लाइन में जा रहा है। कंपनी ने नगर निगम से नालों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और अवैध कनेक्शनों को ठीक करने की मांग की है।
हालांकि, स्थानीय निवासियों का आरोप है कि सीवर लाइनों की नियमित सफाई और रखरखाव की जिम्मेदारी सूएज कंपनी की है। पिछले कई महीनों से सीवर जाम और मैनहोल ओवरफ्लो की शिकायतें लगातार आ रही हैं। लोगों का कहना है कि कंपनी अपनी जिम्मेदारी से बचने के लिए केवल नगर निगम को दोष दे रही है। जनता इस आरोप-प्रत्यारोप के बीच परेशान है, क्योंकि मानसून नजदीक है और हालात और बिगड़ सकते हैं।
नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि जलभराव और सीवर समस्याएँ आपस में जुड़ी हैं और समन्वित कार्रवाई की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल और स्मार्ट सिटी के 311 ऐप पर सीवर से संबंधित सैकड़ों शिकायतें लंबित हैं, जिनमें से अधिकांश उन क्षेत्रों से हैं जहाँ सूएज कंपनी काम कर रही है। महाप्रबंधक, जलकल कुलदीप सिंह ने कहा है कि जब तक सुधार नहीं होता, कंपनी को भुगतान नहीं किया जाएगा।
