राम मंदिर दान चोरी: स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद का तीखा हमला, ‘बलि का बकरा’ बने आरोपी
अयोध्या पहुंचे ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने राम मंदिर में कथित दान चोरी प्रकरण को लेकर श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी को “निर्लज्ज” बताते हुए कहा कि जब मंदिर के कोष में चोरी हुई तो नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए उन्हें पद छोड़ देना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आरोप लगाया कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोग केवल “बलि का बकरा” बनाए गए हैं और असली जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने यह भी दावा किया कि एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बावजूद चंपत राय के कथित इस्तीफे को सार्वजनिक नहीं किया गया, जो केवल एक प्रचार था।
उन्होंने बताया कि उनकी यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौ माता को “राष्ट्र माता” घोषित करने की मांग को लेकर जनजागरण करना है। यह यात्रा रुदौली से शुरू होकर मिल्कीपुर, बीकापुर और गोसाईगंज होते हुए अयोध्या विधानसभा क्षेत्र तक जाएगी। इस दौरान समाजवादी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस प्रकरण में जनता का विश्वास बनाए रखना महत्वपूर्ण है, क्योंकि मंदिर के प्रति आस्था से जुड़ा मामला है।
