रिटायर एआरटीओ ललित कुमार सोने-चांदी का हिसाब नहीं दे सके, 35 करोड़ की संपत्ति मामले में गिरफ्तार
सतर्कता अधिष्ठान (विजिलेंस) ने आय से अधिक संपत्ति के गंभीर आरोपों में फंसे रिटायर एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को विजिलेंस मुख्यालय में तलब कर पूछताछ के दौरान, ललित कुमार 35 करोड़ रुपये की संपत्ति, जिसमें भारी मात्रा में सोना, चांदी और नकदी शामिल है, का कोई संतोषजनक दस्तावेज या स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं कर सके। इस विफलता के बाद विजिलेंस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया और अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
विजिलेंस की छापेमारी में ललित कुमार के आवास से 13 किलो सोना, नौ किलो चांदी और 1.62 करोड़ रुपये नकद बरामद हुए थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 20 करोड़ रुपये आंकी गई। इसके अतिरिक्त, 13 करोड़ रुपये से अधिक की अचल संपत्तियों का भी पता चला था। हाल ही में, लखनऊ के मोहनलालगंज में तीन कृषि भूमि की पहचान की गई थी। विजिलेंस बरामद दस्तावेजों और संदिग्ध वित्तीय लेनदेन के आधार पर अन्य संपत्तियों की भी जांच कर रही है, जिसमें बेनामी संपत्तियों का भी खुलासा हो सकता है।
यह मामला तब सामने आया जब ललित कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने के आरोप में 2024 में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। एआरटीओ के पद पर पदोन्नति के बाद यह जांच विजिलेंस को सौंपी गई थी। छापेमारी के दौरान, अधिकारियों ने सोने-चांदी और नकदी के अलावा, 15 संपत्तियों के दस्तावेज, दो कारें, एक रिवाल्वर और विभिन्न बैंकों, पोस्ट ऑफिस, म्यूचुअल फंड और फिक्स्ड डिपॉजिट से संबंधित कागजात भी जब्त किए थे। इस मामले में जनता के पैसे के दुरुपयोग और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
