नकली नोटों के साथ महंत गिरफ्तार, जेल भेजा गया | Fake currency racket busted
लखनऊ के दुबग्गा थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ पुलिस ने एक महंत को नकली नोटों के साथ गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी शहर में नकली करेंसी के प्रसार को रोकने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने आरोपी महंत, संजीव मिश्रा उर्फ ‘बाबाजी’ को झाखर बाग इलाके से पकड़ा है, जिसके पास से बड़ी संख्या में नकली नोट बरामद हुए हैं।
यह मामला तब सामने आया जब एक दुकानदार को संजीव मिश्रा द्वारा दिए गए 500 रुपये के नोट पर शक हुआ। शक की पुष्टि होने पर दुकानदार ने स्थानीय लोगों की मदद से उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी के पास से 500-500 रुपये के 13 नकली नोट मिले, जिनमें एक ही सीरियल नंबर था। यह घटना दर्शाती है कि कैसे संगठित गिरोह नकली नोटों को बाजार में खपाने की कोशिश कर रहे हैं।
पूछताछ के दौरान, महंत ने कबूल किया कि वह नकली नोटों को आधी कीमत पर खपाता था। उसने पुलिस को अपने एक फरार साथी के बारे में भी जानकारी दी है, जो इस रैकेट का हिस्सा हो सकता है। पुलिस अब इस फरार साथी की तलाश में जुटी है और उसके मोबाइल नंबर व बैंक ट्रांजेक्शन की जांच कर रही है। इस नकली नोटों के कारोबार का पर्दाफाश होने से आम जनता को बड़ी राहत मिली है, क्योंकि ऐसे नोटों से आर्थिक धोखाधड़ी का खतरा बना रहता है।
बरामद नकली नोटों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि उनकी उत्पत्ति का पता लगाया जा सके। पुलिस इस गिरोह के अन्य सदस्यों को पकड़ने और नकली नोटों के स्रोत का पता लगाने के लिए प्रतिबद्ध है। यह घटना नकली करेंसी के खिलाफ पुलिस की सक्रियता और सतर्कता को उजागर करती है।
