यूपी से हटेगा शॉप एक्ट, OSH Code लागू: 10 कर्मचारियों की दुकान का भी रजिस्ट्रेशन जरूरी
उत्तर प्रदेश सरकार जल्द ही छह दशक से अधिक पुराने दुकान एवं वाणिज्यिक प्रतिष्ठान अधिनियम, जिसे शॉप एक्ट के नाम से जाना जाता है, को समाप्त करने की तैयारी में है। इसके स्थान पर, व्यावसायिक सुरक्षा, स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियां संहिता, 2020 (OSH Code) को लागू किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बदलाव से प्रदेश के लाखों दुकान, प्रतिष्ठान, ऑफिस, होटल और रेस्टोरेंट प्रभावित होंगे, जिन्हें नए ओएसएच कोड के तहत अपना पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।
नए कानून के तहत, 10 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों के लिए श्रम विभाग में रजिस्ट्रेशन कराना आवश्यक होगा। यह मौजूदा व्यवस्था से एक बड़ा बदलाव है, क्योंकि वर्तमान में संशोधित शॉप एक्ट के तहत 19 कर्मचारियों तक वाले प्रतिष्ठानों को पंजीकरण से छूट प्राप्त थी। श्रमायुक्त कार्यालय ने इस संबंध में एक प्रस्ताव सरकार को भेज दिया है, और राज्य कैबिनेट की अंतिम मंजूरी के बाद यह फैसला लागू हो जाएगा।
इस बदलाव का मुख्य कारण केंद्र सरकार द्वारा लागू की गई नई श्रम संहिताएं हैं। ओएसएच कोड, जिसने श्रम क्षेत्र के 13 पुराने कानूनों को एक में समेकित किया है, देश भर में लागू हो चुका है। नए कोड के तहत, 10 कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए पंजीकरण अनिवार्य है, जबकि मौजूदा शॉप एक्ट में 20 से कम कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों को छूट थी। इस विरोधाभास को दूर करने और व्यापारियों पर दोहरे पंजीकरण का बोझ न डालने के लिए शॉप एक्ट को खत्म करने का निर्णय लिया गया है।
OSH Code, जो सितंबर 2020 में संसद से पारित हुआ था, श्रम कानूनों को सरल बनाने के उद्देश्य से लाया गया है। इसने 13 पुराने कानूनों की 620 धाराओं को घटाकर 143 कर दिया है और नियमों की संख्या को भी काफी कम किया है। इससे व्यवसायों को कई विभागों से रजिस्ट्रेशन कराने की बजाय सिर्फ एक रजिस्ट्रेशन कराना होगा, जिससे प्रक्रियाएं सरल होंगी और अनुपालन लागत कम होगी।
