लखनऊ को मिलेगी हाईराइज बिल्डिंग सुरक्षा, 50 मंजिल तक आग पर काबू पाने के लिए नई तकनीक
लखनऊ में अब 50 मंजिल तक ऊंची इमारतों में लगने वाली आग पर भी प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकेगा। लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने 68 करोड़ रुपये की लागत से दो अत्याधुनिक हाइड्रोलिक फायरफाइटिंग प्लेटफार्म खरीदने के लिए बजट जारी कर दिया है। इन उपकरणों को अग्निशमन विभाग को संचालन और आपातकालीन उपयोग के लिए उपलब्ध कराया जाएगा।
राजधानी में हाल के वर्षों में ऊंची आवासीय और व्यावसायिक इमारतों की संख्या बढ़ी है, जिससे आग लगने की स्थिति में बचाव कार्य चुनौतीपूर्ण हो गया था। इन नए हाइड्रोलिक प्लेटफार्मों की मदद से दमकल कर्मी ऊंचाई पर फंसे लोगों तक तेजी से पहुंच सकेंगे और आग बुझाने की कार्रवाई अधिक प्रभावी ढंग से कर सकेंगे।
इन प्लेटफार्मों की सबसे बड़ी खासियत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित प्रणाली है, जो आग वाले क्षेत्र का स्वतः विश्लेषण कर उसकी सटीक लोकेशन और तीव्रता का पता लगाएगी। इसके बाद प्लेटफार्म स्वतः लक्ष्य निर्धारित कर पानी या फायर फोम की बौछार करेगा, जिससे आग पर तेजी से नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी।
आपदा के दौरान ऊंची इमारतों में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी ये प्लेटफार्म महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इनकी ऊंचाई तक पहुंचने की क्षमता राहत और बचाव कार्यों को पहले से अधिक तेज और सुरक्षित बनाएगी।
अधिकारियों का मानना है कि इन उपकरणों के शामिल होने से राजधानी की अग्निशमन व्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी और लखनऊ की फायर सेफ्टी व्यवस्था देश के आधुनिक शहरों की श्रेणी में और अधिक मजबूत मानी जाएगी। कमिश्नर की अध्यक्षता में मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी कर दिया गया है।
