लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस-वे का 13 जुलाई को होगा लोकार्पण, एक घंटे में पूरा होगा सफर
लखनऊ और कानपुर के बीच की यात्रा को सुगम बनाने वाला बहुप्रतिक्षित एक्सप्रेस-वे अब जनता के लिए खुलने को तैयार है। 13 जुलाई को केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और लखनऊ के सांसद व रक्षामंत्री राजनाथ सिंह संयुक्त रूप से इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदी बेन पटेल और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी उपस्थित रहेंगे। इस नए एक्सप्रेस-वे के खुलने से लखनऊ से कानपुर का सफर मात्र एक घंटे में पूरा हो सकेगा, जो वर्तमान में काफी अधिक समय लेता है।
लगभग 63 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेस-वे, जिसमें 42 किलोमीटर ग्रीन फील्ड और शेष एलिवेटेड रोड शामिल है, 4000 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से पांच साल में निर्मित हुआ है। यह उन्नाव और कानपुर जिलों से होकर गुजरता है और लखनऊ के अमौसी से शुरू होकर कानपुर के शुक्लागंज तक जाता है। एक्सप्रेस-वे पर चार टोल प्लाजा हैं।
यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए, एक्सप्रेस-वे पर वाहनों के लिए गति सीमा निर्धारित की गई है। कार, जीप और एसयूवी जैसे हल्के वाहन 120 किमी प्रति घंटा तक की गति से चल सकेंगे, जबकि बड़े वाहनों के लिए अधिकतम गति 100 किमी प्रति घंटा होगी।
इसके अतिरिक्त, इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर 108 करोड़ रुपये की लागत से चार-लेन का फ्लाईओवर भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय यातायात जाम से राहत मिलेगी। यह एक्सप्रेस-वे 80 से अधिक हाईटेक कैमरों से लैस है, जो 24 घंटे वाहनों की निगरानी करेंगे। दो कंट्रोल रूम इन कैमरों से जुड़े होंगे और किसी भी आपात स्थिति में 10 मिनट के भीतर सहायता टीम या एम्बुलेंस मौके पर पहुंच जाएगी। टोल प्लाजा पर फास्टैग और नंबर प्लेट रिकग्निशन तकनीक का उपयोग करके स्वचालित टोल कलेक्शन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे वाहनों को रुकने की आवश्यकता नहीं होगी।
महंत नृत्य गोपाल दास की सेहत में सुधार, ICU में जारी है इलाज – UP health news
लखनऊ से विदेशियों की अरबों की साइबर ठगी का खुलासा, 119 गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश में जमीन-मकान की रजिस्ट्री हुई आसान, 10 जिलों में नए उप निबंधक दफ्तरों का शिलान्यास
डीजी पीएसी ने एसडीआरएफ मुख्यालय का किया निरीक्षण, आपदा उपकरणों का किया सफल परीक्षण
