सीलिंग से परेशान कोचिंग संचालक पहुंचे एलडीए, जांच की मांग, मानक पूरे तो खोलें ताले: Lucknow coaching centers sealed
अलीगंज अग्निकांड के बाद राजधानी में अग्नि एवं विद्युत सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर चल रही सख्त कार्रवाई के बीच सोमवार को लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) मुख्यालय में अलग ही तस्वीर देखने को मिली। सील किए गए कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालक हाथों में फाइलें और दस्तावेज लेकर एलडीए पहुंचे और अपने प्रतिष्ठानों की दोबारा जांच कराने की मांग उठाई। कानपुर रोड के सेक्टर-बी स्थित पीडब्ल्यू डिफेंस वाले कोचिंग संस्थान के संचालक विकास सिंह ने अधिकारियों से कहा कि उनके संस्थान में अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा से जुड़े आवश्यक प्रबंध मौजूद हैं। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि मौके पर जांच कराई जाए और यदि मानक पूरे मिलें तो संस्थान की सील खोली जाए।
एलडीए ने सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले कई कोचिंग सेंटरों को सील किया था। अब ऐसे संचालकों को अपनी बात रखने और दस्तावेज प्रस्तुत करने का अवसर देने के लिए एलडीए ने विशेष हेल्प डेस्क शुरू की है। पहले ही दिन 24 संचालकों ने आवेदन और शपथ पत्र जमा किए। इनमें जोन-दो से सर्वाधिक 14 आवेदन आए।
सेंचुरियन डिफेंस अकादमी के केंद्र प्रमुख राजेश खन्ना ने कहा कि उनका संस्थान कोचिंग विनियम अध्यादेश-2002 के तहत निर्धारित शर्तों का पालन कर रहा है। संस्थान सील होने के बाद प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। उन्होंने एलडीए से जल्द निरीक्षण कराकर उचित निर्णय लेने की मांग की। कई अन्य आवेदकों ने भी दावा किया कि उनके भवनों में अधिकांश सुरक्षा मानकों का पालन किया जा चुका है और उन्होंने अग्निशमन विभाग के निरीक्षण व विद्युत सुरक्षा निदेशालय से प्राप्त एनओसी के दस्तावेज भी प्रस्तुत किए।
एलडीए अधिकारियों के अनुसार, प्राप्त आवेदनों और दस्तावेजों की जांच के बाद उन्हें संबंधित जोनल अधिकारियों को भेजा जाएगा। इसके बाद एलडीए, अग्निशमन विभाग और विद्युत सुरक्षा निदेशालय की संयुक्त टीम 24 से 72 घंटे के भीतर मौके का निरीक्षण करेगी। जांच में मानक पूरे मिलने पर आगे की कार्रवाई और स्थायी समाधान का रास्ता तय किया जाएगा। इस सख्ती के बीच अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच के बाद कितने संस्थानों को राहत मिलती है।
