वारंटी में कार खराब, कंपनी को 63 हजार रुपये देने का आदेश: उपभोक्ता फोरम का फैसला
जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में मैसर्स महिंद्रा एंड महिंद्रा कंपनी को ग्राहक गोपाल सोलंकी को कार मरम्मत के लिए लिए गए 33 हजार रुपये वापस करने का आदेश दिया है। इसके अतिरिक्त, कंपनी को मानसिक पीड़ा और वाद व्यय के तौर पर 30 हजार रुपये भी अदा करने होंगे। यह निर्णय तब आया जब ग्राहक की वारंटी में कार बार-बार खराब होती रही और कंपनी द्वारा किए गए मरम्मत के प्रयास विफल रहे।
आयोग के अध्यक्ष सर्वेश कुमार और सदस्य राजीव कुमार की पीठ ने यह फैसला सुनाया। वादी गोपाल सोलंकी ने आरोप लगाया था कि उन्होंने 24 अप्रैल 2019 को आत्माराम ऑटो इंटरप्राइजेज से एक कार खरीदी थी। 21 मार्च 2023 को सर्विस कराने के बाद कार अचानक बंद हो गई और फिर स्टार्ट नहीं हुई। कंपनी ने मरम्मत के लिए 15 हजार रुपये लिए, लेकिन समस्या जस की तस बनी रही।
इसके बाद, क्रेन से कार को कार्यशाला ले जाया गया, जहां सर्विस इंजीनियर ने 1430 रुपये लेकर कार को ठीक किया। हालांकि, तीन दिन बाद ही कार फिर से बंद हो गई। 27 मार्च 2023 को इंजीनियर ने 10,800 रुपये में नया ‘सेल्फ’ डालकर कार को चालू किया। इसके बावजूद, 10 मई 2023 को ग्वालियर से आगरा आते समय कार रास्ते में फिर से बंद हो गई, जिससे ग्राहक को दूसरी गाड़ी से घर लौटना पड़ा। इन लगातार समस्याओं ने ग्राहक को काफी परेशान किया, जिसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।
