केजीएमयू कर्मचारी परिषद: संस्था के नाम पर पत्राचार पर लगी रोक, 27 जून को सुनवाई
केजीएमयू कर्मचारी परिषद के पदाधिकारियों को बड़ा झटका लगा है। संस्था के नाम और लेटरहेड का इस्तेमाल कर पत्राचार करने पर फिलहाल रोक लगा दी गई है। फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स कार्यालय के डिप्टी रजिस्ट्रार ने इस संबंध में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है।
यह विवाद तब सामने आया जब 16 जून को हुई सुनवाई के दौरान यह शिकायत की गई कि कर्मचारी परिषद की वर्तमान प्रबंध समिति का कार्यकाल दो साल पहले ही समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद, कुछ पदाधिकारी संस्था के नाम से विभिन्न विभागों, अधिकारियों और अन्य स्तरों पर पत्र भेजकर अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए थे।
मामले में प्रस्तुत दस्तावेजों और तथ्यों पर गहन विचार करने के बाद, डिप्टी रजिस्ट्रार ने परिषद के अध्यक्ष और महामंत्री को अंतिम अवसर प्रदान किया है। उन्हें 27 जून को सुनवाई के लिए बुलाया गया है, जहां उन्हें संबंधित अभिलेखों और दस्तावेजों के साथ उपस्थित होना होगा।
इस विवाद के अंतिम निस्तारण तक, केजीएमयू कर्मचारी परिषद की प्रबंध समिति या उसके किसी भी पदाधिकारी को संस्था के नाम, पद अथवा अधिकार का इस्तेमाल कर किसी भी विभाग, अधिकारी या प्राधिकरण को पत्र भेजने की अनुमति नहीं होगी। यह निर्णय कर्मचारियों के बीच चल रहे आंतरिक विवाद को और गहराता नजर आ रहा है। निर्धारित तिथि पर पक्षकारों के उपस्थित न होने की स्थिति में, उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर एकतरफा कार्रवाई की जा सकती है।
