छात्र-शिक्षक अनुपात पर भड़के UP शिक्षक, तबादला नीति के खिलाफ प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बेसिक शिक्षा विभाग की नई अन्तर जनपदीय तबादला नीति शिक्षकों के बीच भारी नाराजगी का कारण बन गई है। बुधवार को निशातगंज स्थित शिक्षा निदेशालय में सैकड़ों शिक्षकों ने प्रदर्शन कर इस नीति का विरोध जताया। शिक्षकों का मुख्य आक्रोश तबादला प्रक्रिया में छात्र-शिक्षक अनुपात को शामिल करना है, खासकर दंपत्ति शिक्षकों के लिए।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस शर्त के कारण दंपत्ति शिक्षकों को तबादले का लाभ मिलने की संभावना बहुत कम हो गई है। कई शिक्षक 10 से 15 वर्षों से एक ही जिले में सेवाएं दे रहे हैं और अपने जीवनसाथी से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनात हैं। बहराइच के एक शिक्षक ने बताया कि उनकी पत्नी कानपुर में तैनात हैं और 10 साल से अधिक समय से वह दूर रह रहे हैं, जिससे पारिवारिक जिम्मेदारियों को निभाना अत्यंत कठिन हो गया है।
शिक्षकों ने सरकार और विभाग से इस नीति पर पुनर्विचार करने की मांग की है। उनका कहना है कि इस नियम से उन शिक्षकों को सीधा नुकसान होगा जो वर्षों से अपने परिवारों से दूर रहकर सेवाएं दे रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने नारेबाजी कर अपना रोष व्यक्त किया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बावजूद विभाग की ओर से किसी भी अधिकारी का बाहर आकर शिक्षकों से मिलना या उनकी बात सुनना, स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। इस नीति का सीधा असर शिक्षकों के मनोबल और उनके पारिवारिक जीवन पर पड़ रहा है।
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