प्रतीक यादव की मौत: अपर्णा यादव ने राज्यपाल को बताया, अस्पताल से नहीं आते तो ठीक हो जाते
बीजेपी नेता अपर्णा यादव ने राज्यपाल आनंदीबेन पटेल से बातचीत में अपने पति प्रतीक यादव की मृत्यु के कारणों पर प्रकाश डाला है। उन्होंने बताया कि प्रतीक की मौत ब्लड क्लॉट (खून का थक्का) जमने से हुई, जो सर्जरी के बाद हुई एक जटिलता थी। अपर्णा के अनुसार, डॉक्टरों ने उन्हें अस्पताल में रहकर दवाओं से इलाज कराने की सलाह दी थी, लेकिन प्रतीक ने घर लौटने की जिद की।
अपर्णा ने राज्यपाल को बताया कि मेदांता अस्पताल के डॉक्टरों ने थ्रॉम्बोसिस का पता चलने के बाद तत्काल इलाज की सलाह दी थी। डॉक्टरों का कहना था कि दवाओं से क्लॉट को धीरे-धीरे खत्म किया जा सकता था, लेकिन इसके लिए पांच से सात दिन अस्पताल में निगरानी जरूरी थी। प्रतीक, जो युवा थे, अस्पताल में भर्ती रहने को तैयार नहीं थे और घर लौट आए। उन्होंने सामान्य जीवनशैली अपनाना जारी रखा, जिससे उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रतीक की लंबे समय तक बैठे रहने की आदत भी ब्लड क्लॉट की समस्या को बढ़ा सकती थी। 13 मई को तबीयत बिगड़ने के बाद प्रतीक का निधन हो गया, जिसे पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खून का थक्का जमना बताया गया। उनके आकस्मिक निधन से राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में शोक की लहर दौड़ गई थी।
