कानपुर अस्पताल केस: पारस और कृष्णा पर मुकदमा, इलाज में देरी से कटा हाथ
कानपुर में एक गंभीर लापरवाही के मामले में पारस और कृष्णा अस्पताल पर मुकदमा चलाया जाएगा। आईटीबीपी के जवान विकास सिंह की मां निर्मला देवी के इलाज के दौरान हाथ काटने की नौबत आ गई थी। मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) की दूसरी जांच रिपोर्ट में दोनों अस्पतालों को इलाज में देरी का दोषी पाया गया है। इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आयुक्त ने दोनों अस्पतालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कृष्णा अस्पताल पर इलाज में 24 घंटे की देरी का आरोप है, जबकि पारस अस्पताल ने करीब 20 घंटे बाद इलाज शुरू किया।
पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल ने बताया कि सीएमओ की पहली रिपोर्ट में दोष का निर्धारण नहीं था, लेकिन दूसरी जांच में स्पष्ट रूप से अस्पतालों की लापरवाही सामने आई है। दोनों अस्पतालों द्वारा मरीज के इलाज में की गई देरी के कारण ही हाथ काटने की स्थिति उत्पन्न हुई। अब इन अस्पतालों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (बीएनएस) की धारा 125 बी के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसमें तीन साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है।
इस मामले ने स्वास्थ्य सेवाओं में जवाबदेही और तत्परता पर सवाल खड़े किए हैं। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
