लखनऊ में आंधी-बारिश से बिजली व्यवस्था ध्वस्त, घंटों पानी को तरसे लोग
सोमवार को राजधानी लखनऊ में आई तेज आंधी और बारिश ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक, बिजली के खंभे गिरने, अंडरग्राउंड केबल में फॉल्ट आने और ट्रांसफार्मर जलने की घटनाओं से घंटों बिजली गुल रही। इस बिजली कटौती ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया, बल्कि पानी की आपूर्ति बाधित होने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
आंधी की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मलिहाबाद, काकोरी, मोहनलालगंज, बीकेटी और चिनहट जैसे क्षेत्रों में 30 से अधिक बिजली के खंभे धराशायी हो गए, जबकि 50 से अधिक स्थानों पर बिजली लाइनों पर पेड़ गिर गए। सुबह बिजली गुल होने से बहुमंजिला इमारतों और कई मोहल्लों में पानी का संकट गहरा गया। परेशान उपभोक्ताओं ने टोल-फ्री नंबर 1912 और स्थानीय उपकेंद्रों पर संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन अधिकतर जगहों पर फोन नहीं उठाए गए या संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
विकासनगर, अलीगंज, पीजीआई क्षेत्र, चिनहट, गोमतीनगर, इंदिरानगर, फैजुल्लागंज, ठाकुरगंज, चौक, अमीनाबाद, राजाजीपुरम सहित शहर के अधिकांश इलाकों में बिजली की आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीण क्षेत्रों में भी स्थिति गंभीर थी, जहां मलिहाबाद, मोहनलालगंज, काकोरी और नगराम के करीब 200 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति घंटों ठप रही। कई जगहों पर 12 घंटे बाद भी बिजली बहाल नहीं हो सकी थी। नगराम के समेसी विद्युत उपकेंद्र के फीडर में तकनीकी खराबी के कारण करीब 80 गांव 7 घंटे अंधेरे में डूबे रहे। मलिहाबाद के मुंशीगंज मोहल्ले में तेज हवाओं ने दो खंभे उखाड़ दिए और मुख्य केबल टूट गई, जिससे सुबह 8 बजे से बिजली नहीं थी।
बिजली विभाग की टीमें फॉल्ट ठीक करने में जुटी रहीं, लेकिन भारी नुकसान और व्यापक क्षेत्र में फैले फॉल्ट के कारण कई जगहों पर बिजली बहाल होने में काफी समय लगा। इस घटना ने शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था की पोल खोल दी है।
