कानपुर देहात में अन्ना मवेशी बने काल: 3 महीने में 3 मौतें, प्रशासन बेपरवाह (Kanpur Dehat news)
कानपुर देहात जिले में अन्ना गोवंश की बढ़ती संख्या अब जानलेवा साबित हो रही है। हाईवे से लेकर प्रमुख सड़कों तक डेरा जमाए ये मवेशी लोगों के लिए मुसीबत और हादसों की वजह बन रहे हैं। पिछले तीन महीनों के दौरान इन मवेशियों के कारण हुई अलग-अलग घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो चुकी है, लेकिन जिला प्रशासन और हाईवे अथॉरिटी इस समस्या के निराकरण के लिए कोई उपाय करती नजर नहीं आ रही है।
तीन महीने में तीन दर्दनाक हादसे
जिले में अन्ना मवेशियों के कारण हुए हादसों की एक श्रृंखला सामने आई है। हाल ही में 2 अप्रैल को रसूलाबाद-झींझक मार्ग पर एक अन्ना गोवंश अचानक सड़क पर आ गया, जिससे बाइक टकरा गई। इस हादसे में डेरापुर थाना क्षेत्र की रहने वाली 60 वर्षीय रानी देवी की जान चली गई। इससे पहले 3 जनवरी को मंगलपुर थाना क्षेत्र के सरदारपुरवा परजनी के बीच कैनाल रोड पर भी ऐसा ही हादसा हुआ था। एक सांड़ से बाइक टकराने के कारण बहराइच निवासी 35 वर्षीय विवेक शुक्ल की मौत हो गई थी। इसके अलावा 2 मार्च को मालवीय नगर सिकंदरा में सांड़ के हमले से सेवानिवृत्त कानूनगो 65 वर्षीय रमेश चंद्र की भी मौत हो गई थी।
प्रशासन के दावे हवा-हवाई
जनपद में अन्ना गोवंश के संरक्षण के दावे लगातार हवा-हवाई साबित हो रहे हैं। अनुमान है कि करीब दस हजार अन्ना गोवंश हाईवे से लेकर प्रमुख सड़कों तक डेरा जमाए रहते हैं। इन मवेशियों के कारण अक्सर हादसे होते रहते हैं। मवेशियों के अचानक भागकर सड़क पर आने या लोगों पर हमला करने से अक्सर लोग घायल होते हैं। लगातार हो रहे हादसों के बावजूद जिम्मेदार बेपरवाह बने हैं, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है।
