Lucknow High Court: वकीलों की पार्किंग के लिए RFID पास पर विचार, सुरक्षा बढ़ाने पर जोर
लखनऊ हाईकोर्ट की गोमती नगर स्थित बेंच ने परिसर की पार्किंग व्यवस्था को लेकर एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने वकीलों की गाड़ियों के प्रवेश को सुव्यवस्थित करने के लिए आरएफआईडी (रेडियो फ़्रीक्वेंसी आइडेंटिफ़िकेशन) पास जारी करने पर विचार करने का आदेश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन रॉय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की खंडपीठ ने स्थानीय अधिवक्ता गिरधारी लाल यादव की ओर से दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया।
याचिका में हाईकोर्ट परिसर के बेसमेंट पार्किंग में स्लॉट निर्धारण, एक से अधिक वाहन पास जारी होने की जांच, और सीसीटीवी कैमरों के संचालन जैसे मुद्दों को उठाया गया था। याचिकाकर्ता ने कहा था कि हाईकोर्ट भवन में पहले से ही व्यापक पार्किंग सुविधा उपलब्ध है, लेकिन प्रशासनिक समिति को इस व्यवस्था को नियंत्रित करने की आवश्यकता है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट प्रशासन ने बताया कि गेट नंबर 3 पर आरएफआईडी प्रणाली पहले से ही सफलतापूर्वक चल रही है। इसे गेट नंबर 4 और 5 पर भी बिना अतिरिक्त लागत के लागू किया जा सकता है। प्रशासन ने यह भी बताया कि पासों की क्लोनिंग के प्रयास हो चुके हैं, इसलिए जालसाजी रोकने के लिए यह व्यवस्था बेहतर है।
न्यायालय के संज्ञान में यह भी आया कि कई अधिवक्ता और मुंशी साइकिल से आते हैं, जिनके लिए परिसर में पार्किंग की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। कोर्ट ने प्रशासन से इस विषय पर भी जल्द निर्णय लेने की अपेक्षा की है।
