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कानपुर परिषदीय स्कूलों में जमीन पर बच्चों की पढ़ाई: बजट की कमी बनी मजबूरी, बाल आयोग को जवाब

By Apr 4, 2026

कानपुर में परिषदीय स्कूलों में बच्चों को जमीन पर बिठाकर पढ़ाने की विवशता पर बेसिक शिक्षा अधिकारी ने राज्य बाल आयोग को अपना जवाब सौंप दिया है। अधिकारी के अनुसार, स्कूलों को सालाना केवल 25 हजार रुपये का बजट मिलता है, जिसमें सभी स्कूलों के लिए पर्याप्त फर्नीचर खरीदना अव्यावहारिक है। इस कारण ठंड के मौसम में भी बच्चों को जमीन पर बैठकर ही पढ़ना पड़ता है।

इस मामले को संज्ञान में लेते हुए, जिलाधिकारी ने एडीएम न्यायिक के माध्यम से एक जांच भी कराई थी, जिसकी रिपोर्ट आयोग में दाखिल कर दी गई है। यह पूरा मामला सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण फाइटर द्वारा दायर एक याचिका के बाद सामने आया। याचिका में कहा गया था कि ठंड में बच्चों को जमीन पर टाट-पट्टी बिछाकर पढ़ाया जाता है, जबकि शिक्षक आराम से कुर्सियों पर बैठते हैं।

इस समस्या का उदाहरण बिधनू ब्लॉक के दलनपुर जमरेही और परसौली गांव के परिषदीय विद्यालयों का फोटो सहित दिया गया था। आयोग ने याचिका पर कार्रवाई करते हुए विस्तृत जांच रिपोर्ट और जवाब मांगा था। जांच रिपोर्ट में भी बजट की कमी को मुख्य कारण बताया गया है। बच्चों की शिक्षा और सुविधाओं का यह मुद्दा सार्वजनिक चिंता का विषय है, क्योंकि यह भविष्य की पीढ़ियों के विकास को सीधे प्रभावित करता है।

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