नैमिष नगर योजना: 2500 किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए भरे सहमति पत्र, लखनऊ का विकास मॉडल बनेगी यह योजना
आईआईएम रोड पर प्रस्तावित एलडीए की नैमिष नगर योजना लखनऊ के उत्तरी हिस्से के विकास को एक नई दिशा देगी। इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए विकास कार्य शुरू कर दिए गए हैं। अब तक प्राधिकरण के पक्ष में 150 हेक्टेयर भूमि का बैनामा पूरा हो चुका है, जबकि 2500 से अधिक किसानों ने 430 हेक्टेयर भूमि के बैनामे के लिए अपनी सहमति जताई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के अनुसार, इसी साल सितंबर तक योजना के दो सेक्टरों में भूखंडों के लिए पंजीकरण शुरू कर दिए जाएंगे।
नैमिष नगर योजना प्रभारी अधिकारी संगीता राघव ने बताया कि योजना से प्रभावित किसानों को रजिस्ट्री के साथ प्रतिकर वितरण की प्रक्रिया लगातार जारी है, जिससे सहमति पत्र प्राप्त हो रहे हैं। इस योजना के लिए बीकेटी तहसील के 18 गांवों की लगभग 1486 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जानी है। इन गांवों में भौली, लक्ष्मीपुर, पूरब गांव, पुरवा, सैरपुर, फरूखाबाद, कोड़री भौली, कमलाबाद, कमलापुर, पलहरी, गोपरामऊ, बारूमऊ, धतिंगरा, सैदापुर, पश्चिम गांव, धोबैला, उमरभारी और दुग्गौर शामिल हैं।
प्राधिकरण योजना क्षेत्र के साथ-साथ प्रभावित गांवों में भी विकास कार्य कराएगा। इसमें संपर्क मार्ग, जल निकासी व्यवस्था, खेल मैदान, बारात घर, स्वास्थ्य केंद्र, तालाब, स्कूल, पार्क और श्मशान घाटों का सुदृढ़ीकरण शामिल है। इस योजना से लगभग 2 लाख लोगों को आवासीय सुविधा प्राप्त होगी और यह एक पूर्ण विकसित उपनगर के रूप में उभरेगा। इसमें चौड़ी सड़कें, ग्रीन बेल्ट, पार्क, स्कूल, अस्पताल, कम्युनिटी सेंटर, सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट और व्यावसायिक केंद्र जैसी सुविधाएं होंगी। इस योजना के क्रियान्वयन से शहर के उद्योग, स्वास्थ्य, शिक्षा और लॉजिस्टिक जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व विकास होगा, जिससे निवेश आकर्षित होगा और रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
