दोहरे हत्याकांड में माफिया अभय सिंह सहित चार आरोपी बरी, सबूतों का अभाव बना कारण
लखनऊ की एमपी/एमएलए कोर्ट ने 19 वर्ष पुराने एक दोहरे हत्याकांड मामले में माफिया अभय सिंह सहित चार आरोपियों को बरी कर दिया है। साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने यह फैसला सुनाया, जिससे आरोपियों को बड़ी राहत मिली है। इस मामले में शत्रुघ्न सिंह और जितेंद्र त्रिपाठी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
यह घटना 31 मार्च 2007 की है, जब बाजार खाला थाने में मृतक शत्रुघ्न सिंह के पिता ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार, आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से गोलीबारी की, जिसमें दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मोटरसाइकिल पर बैठकर फरार हो गए थे।
पुलिस ने बाद में रविंद्र सिंह, अजय प्रताप सिंह और फिरोज अहमद के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया, जबकि अभय सिंह के विरुद्ध अलग से पूरक आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बचाव पक्ष ने अदालत में यह तर्क दिया कि घटना के दिन अभय सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत जिला कारागार में निरुद्ध थे, इसलिए उनका इस हत्याकांड में शामिल होना संभव नहीं है। इस फैसले से कानून व्यवस्था पर सवाल उठ सकते हैं कि कैसे पुराने मामलों में आरोपी बरी हो जाते हैं।
