कानपुर में नगर निगम की संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर सोमवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने गहरी आपत्ति जताई। महापौर ने अधिकारियों से नगर निगम की खाली पड़ी संपत्तियों...
कानपुर में नगर निगम की संपत्तियों पर हो रहे अवैध कब्जों को लेकर सोमवार को हुई कार्यकारिणी की बैठक में सदस्यों ने गहरी आपत्ति जताई। महापौर ने अधिकारियों से नगर निगम की खाली पड़ी संपत्तियों का विस्तृत ब्योरा मांगा है, ताकि उन पर हो रहे अतिक्रमण को रोका जा सके। इस बैठक में शहर भर में लगी अवैध होर्डिंगों को हटाने और कन्वेंशन सेंटर के संचालन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
नगर निगम संपत्तियों का मुद्दा बैठक में प्रमुखता से उठा, जहां सदस्यों ने बताया कि विभिन्न स्थानों पर खाली पड़ी संपत्तियों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं। हाल ही में श्याम नगर स्थित 500 वर्ग गज जमीन पर नगर निगम के दावा करने के बाद महापौर ने अधिकारियों से संबंधित दस्तावेज मांगे। उन्होंने कहा कि इस जमीन की रजिस्ट्री किसी और ने कराई और कब्जा किसी और ने कर लिया, जबकि नगर निगम का इस पर दावा है। इसी तरह नवाबगंज स्थित स्लाटर हाउस की खाली जमीन पर भी कब्जे की शिकायतें मिलीं। महापौर ने अधिकारियों की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें विभाग की संपत्तियों की जानकारी तक नहीं है।
चुन्नीगंज स्थित कन्वेंशन सेंटर के संचालन पर भी महापौर ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि यह सेंटर नगर निगम की जमीन पर बना है और इसका संचालन टेंडर के माध्यम से किया जा रहा है। चूंकि निर्माण नगर निगम की जमीन पर हुआ है, इसलिए संचालन भी निगम को अपने हाथ में लेना चाहिए। उन्होंने टेंडर निरस्त कर कन्वेंशन सेंटर को नगर निगम को हस्तांतरित करने और फिर से टेंडर कराने के निर्देश दिए।
कार्यकारिणी सदस्यों ने शहर भर में लगी अवैध होर्डिंगों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि जगह-जगह अवैध होर्डिंगें लगी हैं, लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। महापौर ने तत्काल सभी जोन से गाड़ियां निकालकर अवैध होर्डिंगों को हटाने का आदेश दिया।
मोतीझील मैदान को प्रदर्शनी के लिए बिना टेंडर आवंटित करने के मुद्दे पर भी सदस्यों ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पहले मैदान की बुकिंग की गई और फिर आयोजक को मैदान खाली करने का नोटिस दिया गया। महापौर ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि आपत्ति थी तो बुकिंग क्यों की गई? बीच कार्यक्रम में बुकिंग कैंसिल कराने से नगर निगम को राजस्व का नुकसान होगा, जिसकी भरपाईBooking करने वाले कर्मचारियों व अधिकारियों के वेतन से की जानी चाहिए। बैठक में सोमवार को बजट पर चर्चा नहीं हो सकी, जो मंगलवार को सुबह 11 बजे होगी।