भारतीय AI शोधकर्ता देवेंद्र सिंह चैपलॉट अब एलन मस्क के साथ करेंगे काम, SpaceX और xAI से जुड़े
भारतीय AI शोधकर्ता देवेंद्र सिंह चैपलॉट ने वैश्विक तकनीकी जगत में एक महत्वपूर्ण मुकाम हासिल किया है। उन्होंने हाल ही में दुनिया के सबसे चर्चित उद्योगपतियों में से एक एलन मस्क की कंपनियों स्पेसएक्स (SpaceX) और एक्सएआई (xAI) से जुड़ने की घोषणा की है। देवेंद्र अब मस्क की टीम के साथ मिलकर ‘सुपरइंटेलिजेंस’ विकसित करने के लक्ष्य पर काम करेंगे। एलन मस्क ने भी सोशल मीडिया पर देवेंद्र का स्वागत करते हुए ‘वेलकम टू AI’ लिखा है।
देवेंद्र सिंह चैपलॉट की शैक्षणिक यात्रा भारत में शुरू हुई। उन्होंने 2008 में प्रयागराज के गंगा गुरुकुलम से 10वीं की परीक्षा में जिले में टॉप किया था। इसके बाद 2010 में उन्होंने IIT-JEE में 25वीं रैंक हासिल की और IIT मुंबई से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उच्च शिक्षा के लिए चैपलॉट अमेरिका चले गए, जहां उन्होंने कार्नेगी मेलॉन विश्वविद्यालय से मशीन लर्निंग में पीएचडी पूरी की। उनका शोध मुख्य रूप से ऐसे AI सिस्टम विकसित करने पर केंद्रित रहा जो वास्तविक दुनिया में स्वतः नेविगेट कर सकें।
अपने करियर के दौरान, देवेंद्र ने कई प्रतिष्ठित संस्थानों में काम किया है। उन्होंने दक्षिण कोरिया में सैमसंग और बाद में फेसबुक AI रिसर्च में साइंटिस्ट के रूप में पांच वर्षों से अधिक समय तक सेवाएं दीं। इसके बाद वे यूरोप की प्रमुख AI स्टार्टअप मिस्ट्रल AI से जुड़े, जहां उन्होंने बड़े भाषा मॉडल (LLM) के विकास पर काम किया। हाल ही में, चैपलॉट थिंकिंग मशीन लैब्स की फाउंडिंग टीम का भी टीम का हिस्सा रहे। अब एलन मस्क की टीम में शामिल होना उनके करियर का एक नया और महत्वपूर्ण अध्याय है।
