कानपुर में सैन्यकर्मी से लूट के आरोपी पर शांतिभंग की कार्रवाई, पुलिस की जांच पर उठे सवाल
कानपुर के नजीराबाद थाना क्षेत्र में एक सैन्यकर्मी और उसके दोस्त से लूटपाट के मामले में पुलिस की कार्रवाई सवालों के घेरे में आ गई है। स्थानीय लोगों ने एक आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौंपा था, लेकिन पुलिस ने आरोपी पर लूट की गंभीर धाराओं के बजाय सिर्फ शांतिभंग का चालान किया है। इस मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने और जांच में ढिलाई का आरोप लग रहा है।
यह घटना होली की शाम को जेके मंदिर के पास हुई थी। फजलगंज निवासी अजीत गुप्ता अपने दोस्त शुभम शुक्ला (जो सेना में कार्यरत हैं) के साथ खड़े थे। तभी बाइक सवार चार बदमाशों ने उन पर हमला कर दिया। बदमाशों ने शुभम से सोने की चेन और अजीत के गले से चांदी की चेन लूट ली। विरोध करने पर बदमाशों ने धारदार हथियार से हमला भी किया।
घटना के दौरान शोर सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। भीड़ ने एक आरोपी विजय (लोहारन भठ्ठा निवासी) को पकड़ लिया और पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया। अजीत की तहरीर पर पुलिस ने चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट और लूट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। हालांकि, पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने शांतिभंग के आरोप में जेल भेज दिया।
नजीराबाद थाना प्रभारी पवन सिंह ने इस संबंध में बताया कि विवेचना के दौरान लूट की घटना की पुष्टि नहीं हो पाई थी। उन्होंने कहा कि जांच जारी है, लेकिन फिलहाल आरोपी के खिलाफ शांतिभंग की कार्रवाई की गई है। पुलिस के इस कदम से पीड़ित पक्ष और स्थानीय लोगों में नाराजगी है, जो इसे पुलिस की ढिलाई मान रहे हैं।
