सिसेंडी हत्याकांड: मोहनलालगंज में फिर गूंजी पुरानी वारदातों की यादें; Lucknow crime news
लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में सिसेंडी गांव में हुई मां और उसके नेत्रहीन बेटे की जघन्य हत्या ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। इस दोहरे हत्याकांड के पीछे दुष्कर्म जैसी घिनौनी मंशा होने की आशंका ने ग्रामीणों के आक्रोश को और बढ़ा दिया है। इस घटना ने मोहनलालगंज के इतिहास में दर्ज कई पुरानी और भयावह वारदातों की यादें ताजा कर दी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में भय और चिंता का माहौल है।
मोहनलालगंज क्षेत्र में पहले भी कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिन्होंने न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी सुर्खियां बटोरी थीं। ये वारदातें गौरा, बलसिंहखेड़ा और डेहवा जैसे गांवों में हुई थीं, जहां जघन्य अपराधों ने क्षेत्र को हिलाकर रख दिया था।
17 जुलाई 2014 को मोहनलालगंज के बलसिंह खेड़ा के प्राथमिक विद्यालय में एक 34 वर्षीय युवती का नग्न शव मिलने से हड़कंप मच गया था। यह घटना उस दिन हुई जब अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन मोहनलालगंज के जबरौली गांव में दौरे पर थे। इस घटना ने पूरे देश का ध्यान खींचा था।
इससे पहले, 4 सितंबर 2012 को डेहवा गांव में शौच के लिए गई एक 12 वर्षीय किशोरी की दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। उसका शव खेतों में फेंक दिया गया था, जिसे अगले दिन पुलिस ने बरामद किया। जांच के बाद पुलिस ने खुलासा किया था कि गांव के ही दो युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया था।
इसी तरह की एक और घटना 24 नवंबर 2009 को गौरा गांव में सामने आई थी। यहां रहने वाली 13 वर्षीय किशोरी और उसके 5 वर्षीय भाई की जंगल में दुष्कर्म के प्रयास के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस हत्याकांड का खुलासा कर गांव के ही एक युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
सिसेंडी की ताजा घटना ने इन सभी पुरानी वारदातों की यादें ताजा कर दी हैं, जिससे स्थानीय प्रशासन पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।
