यूपी में विकास कार्यों की रफ्तार तेज करने के निर्देश, CM योगी ने की समीक्षा | UP news
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश में चल रही प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी परियोजनाओं को निर्धारित समयसीमा और उच्च गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। सीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी परियोजना में अनावश्यक विलंब या गुणवत्ता से समझौता स्वीकार्य नहीं होगा, क्योंकि मजबूत अवसंरचना राज्य की तीव्र आर्थिक प्रगति के लिए अत्यंत आवश्यक है।
समीक्षा बैठक में गंगा एक्सप्रेसवे, चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे, फर्रुखाबाद लिंक एक्सप्रेसवे, आगरा-लखनऊ-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे, झांसी लिंक एक्सप्रेसवे और जेवर लिंक एक्सप्रेसवे की प्रगति पर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने जिलाधिकारियों को इन परियोजनाओं के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को अविलम्ब गति देने और सभी बाधाओं को प्राथमिकता के आधार पर दूर करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेसवे नेटवर्क का विस्तार प्रदेश में निवेश, औद्योगिक गतिविधियों और क्षेत्रीय संतुलित विकास को नई गति देगा। गंगा एक्सप्रेसवे के मुख्य कैरिजवे का निर्माण पूरा हो चुका है, और सीएम ने शेष कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) परियोजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों ने बताया कि एयरपोर्ट को हाल ही में प्रोविजनल एरोड्रम लाइसेंस प्राप्त हुआ है। भूमि अधिग्रहण और अन्य विकास कार्य तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने एयरपोर्ट परियोजना से जुड़े सभी कार्यों को समन्वित ढंग से शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। ग्रेटर नोएडा में विकसित किए जा रहे मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक हब और मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट हब के भूमि अधिग्रहण और निर्माण कार्यों को भी समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
सिंचाई क्षेत्र में मध्य गंगा नहर परियोजना (स्टेज-2) और एरच सिंचाई परियोजना की प्रगति पर चर्चा हुई। सीएम ने कहा कि ये परियोजनाएं किसानों की उत्पादकता बढ़ाने के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऊर्जा क्षेत्र में रिहंद-ओबरा पंप स्टोरेज परियोजना, तापीय विद्युत परियोजनाओं में पर्यावरणीय उन्नयन और झांसी में 100 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र की प्रगति की समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने ऊर्जा उत्पादन क्षमता बढ़ाने और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।
लखनऊ में वृंदावन योजना के तहत प्रस्तावित एग्ज़ीबिशन-कम-कन्वेंशन सेंटर और कुकरेल क्षेत्र में प्रस्तावित नाइट सफारी परियोजना की भी समीक्षा की गई। सीएम ने कहा कि इन परियोजनाओं से पर्यटन और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, ‘जीरो पॉवर्टी’ अभियान की प्रगति की भी समीक्षा की गई, जिसके तहत अत्यंत गरीब परिवारों की पहचान कर उन्हें सरकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान को प्रभावी बनाने के लिए प्रशिक्षण पर जोर दिया।
मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि प्रदेश की विकास परियोजनाएं केवल अवसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि निवेश, रोजगार और नागरिकों के जीवन स्तर में व्यापक परिवर्तन का आधार बनती हैं। सभी विभागों को समन्वित और लक्ष्य-उन्मुख दृष्टिकोण के साथ परियोजनाओं को समयबद्ध रूप से पूर्ण करना सुनिश्चित करना चाहिए।
