अलीगढ़ में धूल प्रदूषण से सांसों पर संकट, मरीजों की बढ़ी मुश्किलें | Aligarh news
अलीगढ़ शहर में इन दिनों वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आम नागरिकों, खासकर हृदय और सांस के मरीजों पर पड़ रहा है। शहर के प्रमुख मार्गों जैसे रामघाट रोड और एटा चुंगी पर चल रहे निर्माण कार्यों के कारण हवा में धूल के महीन कणों की मात्रा काफी बढ़ गई है।
स्थिति की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि दीनदयाल अस्पताल सहित कई निजी अस्पताल इसी मार्ग पर स्थित हैं। इन अस्पतालों में रोजाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, जिनमें बड़ी संख्या में बुजुर्ग, हृदय रोगी और सांस की बीमारी से पीड़ित लोग शामिल हैं। मरीजों को अस्पताल पहुंचने से पहले ही धूल भरी हवा का सामना करना पड़ता है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ जाती है। दीनदयाल अस्पताल में प्रतिदिन 40 से 50 सांस के मरीज उपचार के लिए आते हैं।
निर्माण कार्य के दौरान धूल नियंत्रण के लिए नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा है। सड़क से गुजरने वाले वाहनों के कारण यह धूल और तेजी से हवा में फैलती है, जिससे आसपास का वातावरण लगातार प्रदूषित हो रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य के दौरान नियमित रूप से पानी का छिड़काव कराया जाए तो धूल पर काफी हद तक नियंत्रण पाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, जब एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 100 के पार पहुंच जाता है तो यह संवेदनशील लोगों के लिए खतरनाक हो सकता है। हृदय रोगी, अस्थमा और एलर्जी से पीड़ित लोगों को सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और खांसी जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। दीनदयाल अस्पताल के सीएमएस डॉ. एमके माथुर ने विशेषकर सांस व हृदय रोगियों को मास्क लगाने की सलाह दी है। उन्होंने मरीजों को धूल भरे स्थानों से दूर रहने या खुद का बचाव करने के लिए कहा है।
