UP voter list: 2.80 करोड़ मतदाताओं को मिली राहत, इतने नाम काटे गए; जानें पूरा अपडेट
उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के तहत 2.80 करोड़ मतदाताओं को राहत मिली है। सुनवाई पूरी होने और वैध दस्तावेज उपलब्ध कराने के बाद इन मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बने रहेंगे। यह राहत उन 3.26 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी होने के बाद मिली है, जिनमें से 3.08 करोड़ लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इनमें से करीब 86 प्रतिशत यानी 2.80 करोड़ मतदाताओं की सुनवाई पूरी हो चुकी है और उनके दस्तावेज सही पाए गए हैं।
इस अभियान के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने के लिए भी आवेदन आए थे। फॉर्म-7 के जरिए अब तक 44,952 लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। इनमें से 27,118 नाम एक स्थान से दूसरे स्थान पर स्थानांतरण के कारण हटाए गए हैं। वहीं, 10,014 लोगों ने स्वयं आवेदन देकर अपना नाम कटवाया है, जबकि 7,820 नाम अन्य व्यक्तियों द्वारा की गई आपत्ति के आधार पर हटाए गए। हटाए गए नामों में 5,153 नाम संबंधित मतदाताओं की मृत्यु होने के कारण सूची से काटे गए हैं।
निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के अनुसार, 6 जनवरी से 6 मार्च 2026 तक दावे और आपत्तियां दाखिल करने की अवधि तय की गई थी। 6 जनवरी से 27 मार्च तक दावों का निस्तारण किया जाना है। इसके बाद 10 अप्रैल, 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा। चुनाव विभाग ने अपील की है कि जिन मतदाताओं को नोटिस मिला है, वे समय से उपस्थित होकर अपनी आपत्तियां या दावे प्रस्तुत करें, ताकि मतदाता सूची को पूरी तरह शुद्ध और अद्यतन बनाया जा सके।
एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने नाम जोड़ने और हटाने के लिए आवेदन किए। चुनाव विभाग के मुताबिक अब तक 86 लाख से अधिक लोगों ने मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए फॉर्म-6 भरा है, जबकि 3 लाख से ज्यादा लोगों ने नाम हटाने के लिए फॉर्म-7 जमा किया है।
