0

ईरान के सुप्रीम लीडर की मौत पर लखनऊ में शोक, बाजार और पर्यटन स्थल बंद

By Mar 3, 2026

ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई के निधन पर शोक की लहर पूरे विश्व में देखी जा रही है, जिसका प्रभाव भारत के लखनऊ शहर में भी स्पष्ट रूप से महसूस किया गया। खामेनेई की मौत के दूसरे दिन, पुराने लखनऊ के प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों जैसे हुसैनाबाद, चौक, नक्खास, चौपटिया, अकबरी गेट और बिल्ललौचपुरा में दुकानों के शटर गिरे रहे, जिससे एक सन्नाटा पसर गया। यह शोक तीन दिनों तक जारी रहने की घोषणा की गई है।

आयतुल्लाह खामेनेई का निधन एक मार्च को अमेरिका और इजरायल के कथित हमलों के बीच हुआ था। उनकी मौत की खबर फैलते ही, लखनऊ सहित भारत के कई शहरों में आक्रोश देखा गया था, जहाँ हजारों लोगों ने सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजरायल के खिलाफ प्रदर्शन किया था और खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की थी। मौलाना कल्बे जवाद और मौलाना यासूब अब्बास जैसे धार्मिक नेताओं ने तीन दिवसीय शोक की घोषणा की थी, जिसका पालन सोमवार को भी किया गया। अकबरी गेट से लेकर गोल दरवाजे, चौपटिया, नक्खास, हुसैनबाद, ठाकुरगंज, मुफ्तीगंज और अन्य इलाकों में दुकानें बंद रहीं। शिया समुदाय के लोगों ने अपने घरों पर काले झंडे लगाकर मातम मनाया और विरोध दर्ज कराया।

इस दुखद अवसर पर, शहर की कई मस्जिदों में नमाज के बाद विशेष दुआएं की गईं। शियाओं के साथ-साथ सुन्नी मस्जिदों में भी आयतुल्लाह खामेनेई की मगफिरत (ईश्वर की क्षमा) के लिए दुआएं की गईं।

तीन दिवसीय शोक की घोषणा के दूसरे दिन, मौलाना कल्बे जवाद ने एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह खामेनेई केवल शियाओं के ही नहीं, बल्कि सभी मुसलमानों के नेता थे, जिन्होंने अपना जीवन उत्पीड़ितों के साथ खड़े रहने में बिताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि दुकानें बंद करने का निर्णय स्वैच्छिक है और उन लोगों के लिए है जो जालिमों के खिलाफ और उत्पीड़ितों के साथ खड़े हैं। उन्होंने लोगों से अपने घरों पर काले झंडे लगाने का भी आग्रह किया।

शोक के कारण, लखनऊ के प्रमुख पर्यटन स्थल, जिनमें बड़ा इमामबाड़ा और पिक्चर गैलरी शामिल हैं, पर्यटकों के लिए बंद रखे गए। कई पर्यटक, जो इन ऐतिहासिक स्थलों को देखने आए थे, उन्हें बंद होने की जानकारी मिलने पर निराश होकर लौटना पड़ा। गाजीपुर, हरदोई और बाराबंकी जैसे शहरों से आए युवाओं को भी बड़ा इमामबाड़ा बंद मिलने पर मायूस होना पड़ा।

मजलिसे उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने दिल्ली में आयतुल्लाह खामेनेई के प्रतिनिधि को एक शोक संदेश भेजा। उन्होंने कहा कि आयतुल्लाह सैयद अली खामेनेई की शहादत की खबर ने पूरे इस्लामी जगत को गहरे शोक में डाल दिया है। उन्होंने जुल्म के खिलाफ संघर्ष को अपनी जिंदगी का मकसद बनाया और न केवल ईरान, बल्कि पूरी दुनिया के उत्पीड़ितों की आवाज बनकर क्रांति का नेतृत्व किया। मौलाना नकवी ने कहा कि उन्होंने शहादत स्वीकार की, लेकिन जालिमों के सामने झुकना नहीं। उन्होंने ईरान की जनता, उनके परिवार, सभी उलेमाओं और शिया समुदाय के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

About

Journalist covering latest updates.

अगली खबरें

होली बाद लखनऊ से चलेंगी अतिरिक्त 350 बसें, यात्रियों का सफर होगा आसान

लखनऊ। होली के त्योहार के बाद यात्रियों की सुविधा के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। यात्रियों की संभावित भीड़ को देखते हुए, लखनऊ से 350 अतिरिक्त...
By Mar 3, 2026

लखनऊ: 12 साल के छात्र की गोली से मौत, 13 साल के क्लासमेट पर हत्या का केस | Lucknow crime

लखनऊ के कृष्णानगर इलाके में एक जन्मदिन की पार्टी मातम में बदल गई, जब 12 वर्षीय छात्र उनैज खान की संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से मौत हो गई। यह घटना बिरगवां क्षेत्र में हुई,...
By Mar 3, 2026

होली पर सोशल मीडिया पर बढ़ी निगरानी, भड़काऊ पोस्ट पर होगी कार्रवाई – Lucknow Police

लखनऊ पुलिस ने होली के त्योहार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और किसी भी प्रकार की अफवाहों या भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोकने के लिए सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखने का फैसला...
By Mar 3, 2026

साझा करें