होली की धूम: कानपुर देहात में अबीर-गुलाल और पिचकारियों की जमकर हुई खरीददारी
कानपुर देहात में होली के त्योहार को लेकर बाजारों में रौनक लौट आई है। महंगाई के बावजूद लोगों का उत्साह चरम पर है और उन्होंने जमकर खरीददारी की। नगरीय क्षेत्रों के बाजारों में रंग, अबीर, गुलाल और पिचकारियों की खूब बिक्री हुई।
त्योहार के लिए जरूरी सामान, जैसे खोया और मेवा, के दाम बढ़े हुए थे। रूरा की साप्ताहिक बाजार में खोया 400 से 450 रुपये किलो बिका। चिरौंजी 1000 से 2000 रुपये किलो, किशमिश 490 से 500 रुपये किलो और गरी 350 से 400 रुपये किलो की दर से बिकी। इसके अलावा, वनस्पति तेल, रिफाइंड, सरसों का तेल, मैदा, रवा, चीनी, साबूदाना, चिप्स और पापड़ भी ऊंचे दामों पर बिके।
पिचकारियों की खरीद में बच्चों और युवाओं ने विशेष रुचि दिखाई। 50 रुपये से लेकर 500 रुपये तक की पिचकारियां उपलब्ध थीं, जिनमें कार्टून कैरेक्टर, टैंक, मिसाइल और गन वाली पिचकारियां शामिल थीं। कलर स्प्रे की भी धूम रही।
अबीर और गुलाल की भी खूब मांग रही। ब्रांडेड पैक, रंग-बिरंगे मास्क, टोपी और हर्बल रंगों की खरीददारी भी जमकर हुई। इस बार हर्बल रंगों के साथ पैकेट बंद सुगंधित गुलाल की मांग अधिक देखी गई। अबीर 10 रुपये से 40 रुपये प्रति पैकेट बिका। पानी में मिलाने वाले रंग की 50 कैप्सूल की डिब्बी लगभग 100 रुपये में और आइस कूल कलर का एक पैक 80 से 100 रुपये में बिका।
होली में जौ की बालियां भूनने के लिए गन्ने की खरीद पर भी जोर रहा। किसानों ने 30 से 40 रुपये प्रति पीस की दर से गन्ने बेचे। कस्बाई इलाकों में एक मुट्ठी जौ की बालियां 10 से 15 रुपये में बिकीं। इस तरह, त्योहार के उल्लास ने महंगाई की चिंताओं को पीछे छोड़ दिया।
