ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर मौलाना कल्बे जवाद का बयान, कहा ‘बंकरों में छिपने वाले नहीं थे’
लखनऊ में एक शोक सभा के दौरान मजलिसे उलमा-ए-हिंद के महासचिव मौलाना कल्बे जवाद नकवी ने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई की शहादत पर कड़ा रोष और गम जाहिर किया। उन्होंने कहा कि अयातुल्लाह खामेनेई को बुजदिलाना हरकत से शहीद किया गया, जबकि वे डर कर बंकरों में छिपने वाले व्यक्ति नहीं थे। मौलाना जवाद ने जोर देकर कहा कि खामेनेई एक हिम्मतवर शख्सियत थे जिन्होंने अपना पूरा जीवन मजलूमों के हक के लिए जालिमों से लड़ने में बिताया। जिस दिन वे शहीद हुए, उस दिन भी वे अपने कार्यालय में अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण मीटिंग में व्यस्त थे।
मौलाना जवाद ने अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत को इस्लाम के लिए एक बड़ी क्षति बताया और कहा कि उनके बताए रास्ते पर चलकर उनके मिशन को आगे बढ़ाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान न तो पहले अमेरिका और इजरायल के सामने झुका है और न ही अब झुकेगा। उन्होंने इस हत्या को सदी की सबसे अफसोसनाक घटना करार दिया। मौलाना ने कहा कि ईरान ने कभी किसी देश पर हमला नहीं किया, जबकि इजरायल ने पहले भी बातचीत के दौरान हमला किया था और इस बार भी ऐसा ही हुआ। उन्होंने कहा कि दुनिया अब खुद देख रही है कि असली अपराधी कौन है और यह पूरी नाजायज योजना अमेरिका की है, जो दुनिया को गुलाम बनाना चाहता है। मौलाना ने अयातुल्लाह खामेनेई की शहादत पर तीन दिन के राजकीय शोक की घोषणा की है और सभी से अपने घरों पर काला झंडा लगाने का आग्रह किया है।
