लखनऊ में 90 एडवरटाइजिंग एजेंसियों पर नगर निगम की कार्रवाई, 1 करोड़ से अधिक का बकाया जमा
लखनऊ नगर निगम ने शहर में विज्ञापन नियमों का उल्लंघन करने वाली 90 एडवरटाइजिंग एजेंसियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। इन एजेंसियों ने निजी भूमि और भवनों पर विज्ञापन पट लगाने के एवज में नगर निगम को लाखों रुपये का अनुज्ञा शुल्क नहीं चुकाया था। इस वित्तीय वर्ष में भी बकाया राशि जमा न करने पर निगम के प्रचार विभाग ने गुरुवार को एक विशेष अभियान चलाया।
प्रभारी अधिकारी प्रचार विनीत सिंह के निर्देशन और कर अधीक्षक (प्रचार) ओम प्रकाश सिंह के नेतृत्व में निगम की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों का निरीक्षण किया। इस दौरान, जिन एजेंसियों ने बिना अनुमति के विज्ञापन बोर्ड लगा रखे थे, उन पर कार्रवाई की गई। सुलतानपुर रोड पर मेसर्स आउटडोर लैब्स एडवरटाइजिंग, शहीद पथ पर मेसर्स अवध मीडिया एडवरटाइजिंग और कानपुर रोड पर मेसर्स न्यू लिंटास एडवरटाइजिंग के विज्ञापन बोर्ड हटा दिए गए।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि बिना अनुमति के होर्डिंग्स लगाना शहर की व्यवस्था और नियमों के विरुद्ध है, इसलिए ऐसे अभियानों को जारी रखा जाएगा। इस कार्रवाई के परिणामस्वरूप, संबंधित एजेंसियों से कुल 1 करोड़ 5 लाख 8 हजार 546 रुपये की लंबित धनराशि नगर निगम के कोष में जमा कराई गई। यह कार्रवाई शहर में विज्ञापन राजस्व की वसूली को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
