बसपा विधायक उमाशंकर सिंह के ठिकानों पर IT Raid, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बुधवार को उस समय हलचल मच गई, जब बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह के लखनऊ और बलिया स्थित ठिकानों पर आयकर विभाग ने बड़ी कार्रवाई की। गोमतीनगर स्थित आवास और कार्यालय के साथ-साथ बलिया के खनवर स्थित पैतृक आवास पर भी सुबह-सुबह आयकर टीमों ने छापा मारा। 50 से अधिक अधिकारियों की टीम ने घर में मौजूद सभी लोगों के मोबाइल फोन जब्त कर पूछताछ शुरू कर दी और महत्वपूर्ण दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं।
उमाशंकर सिंह बलिया की रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। 2022 के विधानसभा चुनाव में दिए गए शपथ पत्र के अनुसार, 2012 में उनकी संपत्ति 20 करोड़ 75 लाख रुपये से अधिक थी, जो 2017 तक बढ़कर 40 करोड़ 19 लाख रुपये से अधिक हो गई। 2020-21 में उन्होंने अपनी कुल संपत्ति 36 लाख 69 हजार रुपये बताई थी। उनके पास 8 करोड़ 27 लाख रुपये से अधिक की चल संपत्ति है, जिसमें एक पिस्टल, एक राइफल और एक रिपीटर गन भी शामिल है।
विधायक की पत्नी पुष्पा सिंह की संपत्ति भी चर्चा का विषय बनी हुई है। 2020-21 में पुष्पा सिंह की आय 74 लाख 08 हजार रुपये बताई गई थी। वहीं, 2016-17 में उनकी आय 1 करोड़ 50 लाख रुपये से अधिक थी, जो 2018-19 में 3 करोड़ 11 लाख रुपये से अधिक हो गई। उनकी पत्नी के पास 9 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की चल संपत्ति और 62 लाख रुपये से अधिक का सोना भी है।
बसपा विधायक उमाशंकर सिंह का नाम पहले भी विवादों में रहा है। 2013 में उनके खिलाफ लोकायुक्त संगठन में शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें उन पर विधायक रहते हुए सरकारी ठेके लेने का आरोप था। जांच में दोषी पाए जाने के बाद 2015 में उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई थी। हालांकि, हाईकोर्ट के आदेश के बाद चुनाव आयोग की जांच के बाद 2017 में उनकी विधायकी फिर से समाप्त कर दी गई थी।
आयकर विभाग की टीम विधायक के आवास में फाइलें, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और रिकॉर्ड खंगाल रही है। इसके अलावा, लेन-देन और संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन जांच की जा रही है। विधायक के भाई रमेश सिंह, जो छात्रशक्ति इंफ्रा कंस्ट्रक्शन कंपनी के डायरेक्टर बताए जा रहे हैं, उनके गांव के पास स्थित कंपनी के प्लांट को भी सील कर दिया गया है और वहां भी दस्तावेजों की जांच जारी है। खबर लिखे जाने तक यह कार्रवाई जारी थी, जिससे राज्य के राजनीतिक गलियारों में गहमागहमी बनी हुई है।
