लखनऊ में ‘नीला ड्रम कांड’ से हड़कंप, बेटे ने पिता को गोली मारी फिर आरी से काटा शव; Lucknow crime news
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बेहद वीभत्स हत्याकांड ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। आशियाना के बंगला बाजार में एक बेटे ने अपने पिता की बेरहमी से हत्या कर दी, शव के टुकड़े किए और उन्हें ठिकाने लगाने की कोशिश की। इस घटना को ‘नीला ड्रम कांड’ नाम दिया गया है, और यह Lucknow crime news लोगों के बीच दहशत का माहौल पैदा कर रही है। पुलिस ने आरोपी बेटे अक्षत सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपने पैथोलॉजी कारोबारी पिता मानवेंद्र सिंह की हत्या का जुर्म कबूल कर लिया है।
पुलिस पूछताछ में अक्षत ने बताया कि 19 फरवरी की देर रात उसका अपने पिता से नीट की पढ़ाई को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद पिता अपने बेडरूम में सो गए। 20 फरवरी को तड़के करीब 4:30 बजे अक्षत ने राइफल उठाई और सोते हुए पिता के सिर में सटाकर गोली मार दी। गोली इतनी करीब से मारी गई थी कि उनका भेजा उड़ गया और कमरे में मांस के लोथड़े फैल गए। गोली की आवाज सुनकर उसकी बहन कृति जाग गई, लेकिन अक्षत ने उसे धमकाकर चुप करा दिया।
हत्या के बाद अक्षत पिता के शव को घसीटकर बाथरूम में ले गया। वहां उसने एक आरी और चाकू की मदद से शव के हाथ-पैर काटकर अलग कर दिए। शव के टुकड़ों को उसने एक बोरी में भरा और अगले दिन कार से ले जाकर सदरौना में नहर किनारे झाड़ियों में छिपा दिया। पुलिस टीम अक्षत को उसके घर ले गई, जहां उसने पूरी घटना का नाट्य रूपांतरण किया। उसने बताया कि उसने शव को नीले ड्रम में डालकर एसिड से जलाने की भी तैयारी कर रखी थी।
पुलिस ने आरोपी अक्षत की निशानदेही पर सदरौना स्थित नहर किनारे झाड़ियों से मानवेंद्र सिंह के कटे हुए हाथ-पैर बरामद कर लिए हैं। पूछताछ में अक्षत ने यह भी बताया कि हत्या से पहले उसने ब्लिंकिट से दो चाकू मंगवाए थे, जबकि आरी और नीला ड्रम वह खुद बाजार से खरीदकर लाया था। उसने खून से सने कंबल, चादर और तकिए को भी बोरी में भरकर नहर किनारे ले जाकर जला दिया था। पुलिस ने अधजले कपड़े और राख भी बरामद की है, जो इस जघन्य अपराध के सबूत के तौर पर जुटाई गई है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
