उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, 97 जोड़ों ने थामा जीवनभर का हाथ; UP mass marriage
उत्तर प्रदेश में गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए संचालित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत कासगंज और अमांपुर में कुल 97 जोड़ों ने नए जीवन की शुरुआत की। इस पहल से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को विवाह के खर्चों से राहत मिली है और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिला है। यह UP mass marriage योजना राज्य सरकार की एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी पहल है।
अमांपुर के एटा रोड स्थित हनुमान मंदिर के पास मैदान में आयोजित समारोह में 62 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इनमें 45 हिंदू जोड़ों ने वैदिक रीति-रिवाजों से सात फेरे लिए, जबकि 17 मुस्लिम जोड़ों का निकाह काजी द्वारा कराया गया। क्षेत्रीय विधायक हरिओम वर्मा ने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के अंत में नवदंपत्तियों को शादी का प्रमाणपत्र वितरित किया गया।
विधायक हरिओम वर्मा ने इस योजना को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की एक सराहनीय पहल बताया, जो गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में मदद करती है। समारोह में उपजिलाधिकारी समाज कल्याण शुशांत सांवरे, मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने नवदंपत्तियों को आशीर्वाद देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
इसी क्रम में, कासगंज ब्लॉक परिसर में भी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में 35 जोड़ों का विवाह संपन्न हुआ। इन विवाहों में दो जोड़े मुस्लिम समुदाय से भी शामिल रहे, जिसने सामाजिक समरसता और भाईचारे का संदेश दिया। राज्य महिला आयोग की सदस्य रेनू गौड़ ने नवविवाहितों को आशीर्वचन देते हुए कहा कि विवाह केवल दो व्यक्तियों का ही नहीं, बल्कि दो परिवारों का भी मिलन है।
कासगंज में आयोजित कार्यक्रम में विधायक देवेंद्र सिंह राजपूत, भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस योजना के माध्यम से सरकार समाज के हर वर्ग को साथ लेकर चलने और उन्हें सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने का प्रयास कर रही है, जिससे अनेक परिवारों को आर्थिक और सामाजिक संबल मिल रहा है।
