अलीगढ़ में अंत्येष्टि स्थलों का बुरा हाल, लाखों खर्च पर नहीं मिला लोगों को लाभ: Aligarh News
अलीगढ़ जिले की नगर पंचायतों में अंत्येष्टि स्थलों के निर्माण की धीमी गति और अधूरे कार्यों ने स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। लाखों रुपये का बजट खर्च होने के बावजूद, स्वीकृत 14 अंत्येष्टि स्थलों में से केवल तीन ही बन पाए हैं, जिससे अंतिम संस्कार के लिए आने वाले परिवारों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति सार्वजनिक सुविधाओं के प्रति स्थानीय प्रशासन की उदासीनता को दर्शाती है।
जिले में कुल 18 नगरीय निकाय हैं, जिनमें से 10 निकायों में 14 अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण प्रस्तावित था। इसके लिए शासन स्तर से 340.16 लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया था, जिसमें से अब तक 17.43 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं। वित्तीय वर्ष की समाप्ति में मात्र एक माह शेष है, लेकिन अतरौली में एक और कौड़ियागंज में दो स्थलों का ही निर्माण हो पाया है। दिसंबर 2025 में पांच नगर पंचायतों (विजयगढ़, कौड़ियागंज, जलाली, जट्टारी, पिसावा) के लिए 1.45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट जारी किया गया था, जिसका उद्देश्य टिनशेड, प्रतीक्षालय और अन्य आवश्यक संरचनाओं का निर्माण करना था।
कई स्थानों पर जो स्थल बन भी गए हैं, वे भी उपयोग लायक नहीं हैं। उदाहरण के लिए, छर्रा नगर पंचायत के गांव रुखाला में बना अंत्येष्टि स्थल बड़ी-बड़ी झाड़ियों और खरपतवार से भरा पड़ा है, जिससे ग्रामीणों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति बताती है कि केवल निर्माण ही नहीं, बल्कि रखरखाव और उपयोगिता सुनिश्चित करना भी महत्वपूर्ण है।
इस संबंध में, एडीएम प्रशासन ने बताया कि जिले के सभी निकायों में अंत्येष्टि स्थलों का निर्माण कार्य जारी है और सभी कार्यकारी अधिकारियों को जल्द से जल्द कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। इस परियोजना में देरी और भ्रष्टाचार के कारण आम जनता को मूलभूत सुविधा से वंचित रहना पड़ रहा है, खासकर ऐसे समय में जब उन्हें सबसे अधिक संवेदनशीलता की आवश्यकता होती है।
