जन्म प्रमाण पत्र विवाद: यूपी विधानसभा में सपा का हंगामा, सदन से बहिष्कार, UP Politics गरमाई
उत्तर प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को जन्म और मूल निवास प्रमाण पत्र बनवाने में आ रही परेशानियों का मुद्दा गरमा गया। समाजवादी पार्टी (सपा) ने आरोप लगाया कि इन प्रमाण पत्रों को बनवाने के लिए लोग दर-दर भटक रहे हैं, लेकिन उप जिलाधिकारी (एसडीएम) इन्हें बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं। इस गंभीर मुद्दे पर विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच तीखी तकरार हुई, जिसके बाद सपा सदस्यों ने सदन का बहिष्कार कर दिया। यह स्थिति आम जनता के लिए सरकारी सेवाओं तक पहुंच में बाधा बन रही है।
सपा का आरोप है कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में साक्ष्य के तौर पर इन प्रमाण पत्रों की अनिवार्यता के कारण लोग इन्हें बनवाने के लिए परेशान हैं। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि एसडीएम पुराने जन्म प्रमाण पत्र बनाने की अनुमति नहीं दे रहे हैं और कहा जा रहा है कि ऊपर से मनाही है। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग की। सपा सदस्य कमाल अख्तर और मनोज कुमार पारस ने भी इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि प्रदेश के अधिकतर जिलों से ऐसी शिकायतें मिल रही हैं।
संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने विपक्ष के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनने चाहिए और इसका संज्ञान ले लिया गया है। हालांकि, सपा सदस्यों द्वारा एसडीएम पर ‘ऊपर से दबाव’ होने का आरोप लगाए जाने पर दोनों पक्षों में फिर से तकरार बढ़ गई। सपा सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि इन प्रमाण पत्रों के न मिलने के कारण जानबूझकर मुस्लिमों के वोट काटे जा रहे हैं। यह विवाद राज्य में प्रशासनिक पारदर्शिता और नागरिक अधिकारों पर सवाल उठा रहा है।
