कासगंज: बढ़ारी वैश्य गांव में कुश्ती दंगल का आयोजन, पहलवानों ने दिखाए हैरतअंगेज दांव-पेंच | Kasganj Dangal
कासगंज जिले के बढ़ारी वैश्य गांव में महाशिवरात्रि के पर्व पर एक भव्य कुश्ती दंगल का आयोजन किया गया। इस Kasganj Dangal में मथुरा, एटा, हाथरस, फिरोजाबाद और गाजियाबाद समेत कई जनपदों से आए नामी पहलवानों ने अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया। ग्रामीण खेल संस्कृति को बढ़ावा देने वाले इस आयोजन में पहलवानों के हैरतअंगेज दांव-पेंच देखने के लिए बड़ी संख्या में दर्शक उमड़े।
दंगल में पहलवान उदल असोली, शिवम दुहाई, पवन एटा, अरविंद हाथरस, वीरेश अक्षौली, मुकुल फिरोजाबाद, बद्धन दुहाई, अभिषेक मथुरा, केशव एटा, अनूप सिरपुर, अरुण नगरी, कप्तान श्यामपुर, पारसी मरेरा, सूरज मिरहची, सचिन सिकंदराराऊ, अनुज त्रिलोकपुर, बृजेश निधौली खुर्द, शिवम मारहरा, जावेद हाथरस, अफसर मथुरा, दुर्गेश हाथरस और अमन मथुरा जैसे कई धुरंधर शामिल हुए। दूसरे नंबर की रोमांचक कुश्ती पहलवान भोला हाथरस और राम मथुरा के बीच हुई, जो बराबरी पर समाप्त हुई।
दंगल की आखिरी और सबसे प्रतीक्षित कुश्ती पहलवान सुखवीर सिंह परसरा और पहलवान अजीत कुमारपुर के बीच तय हुई। गांव के मूल निवासी अधिवक्ता सत्येंद्र पाल सिंह बैस ने इन पहलवानों का परिचय कराया और उनका हाथ मिलवाया। इस अवसर पर चेतेंद्र सिंह एडवोकेट, खूब सिंह और पप्पू भी मौजूद रहे।
दंगल आयोजन समिति में ग्रामवासी अवध किशोर शर्मा, रतेंद्र सिंह, महावीर सिंह, महेंद्र सिंह, मोहन सिंह, अजय कुमार सिंह और यतेंद्र सिंह जैसे कई सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संजय कुमार संजू और योगेश कुमार बैस ने रेफरी की भूमिका बखूबी निभाई। कुश्ती दंगल के समापन के बाद रात्रि में जवाबी कीर्तन का भी आयोजन किया गया, जिसमें हाथरस और गाजियाबाद की टीमों ने अपनी प्रस्तुति दी। अवध किशोर शर्मा, चंद्रभान सिंह बैस, चेतेंद्र सिंह एडवोकेट, महेंद्र सिंह और मोहन सिंह जैसे ग्रामवासी इस कीर्तन के आयोजक रहे। यह आयोजन न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रखता है।
