संयुक्त राष्ट्र प्रमुख का बयान: AI का लाभ पूरी दुनिया को मिले, भारत ‘AI Summit’ की मेजबानी के लिए सही जगह
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने स्पष्ट किया है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का विकास और उसके लाभ केवल कुछ विकसित देशों या दो महाशक्तियों तक सीमित नहीं रहने चाहिए, बल्कि पूरी दुनिया को इसका फायदा मिलना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ की मेजबानी के लिए एक आदर्श स्थान है, क्योंकि यह एक तेजी से उभरती हुई और सफल अर्थव्यवस्था है। यह बयान वैश्विक तकनीकी भविष्य और उसके समावेशी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण संदेश देता है, जिसका सीधा असर आम लोगों के जीवन पर पड़ेगा।
गुटेरेस ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में एक विशेष साक्षात्कार में भारत को इस शिखर सम्मेलन के आयोजन के लिए हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह अत्यंत आवश्यक है कि AI का विकास हर जगह, हर किसी के लाभ के लिए हो, और ‘ग्लोबल साउथ’ के देश भी इसके लाभों का हिस्सा बनें। उनका मानना है कि AI को पूरी मानवता के लाभ के लिए एक सार्वभौमिक उपकरण बनना चाहिए, न कि यह केवल सबसे विकसित देशों का विशेषाधिकार बनकर रह जाए।
महासचिव ने हाल ही में भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुए व्यापार समझौते को एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया, जो वैश्विक सहयोग की संभावनाओं को दर्शाता है। हालांकि, उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति बनाए रखने में संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की विफलता पर भी निराशा व्यक्त की। उन्होंने परिषद में मौलिक सुधार की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि वह आज की दुनिया का सही प्रतिनिधित्व कर सके और वैश्विक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सके।
