कानपुर में cough syrup scam: 25 हजार का इनामी मेडिकल स्टोर संचालक गिरफ्तार
कानपुर में अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप की तस्करी के बड़े मामले में क्राइम ब्रांच ने 25 हजार रुपये के इनामी मेडिकल स्टोर संचालक सुमित केसरवानी को कानपुर से गिरफ्तार कर लिया है। सुमित बालाजी मेडिकल स्टोर चलाता था और नशेड़ियों को 55 रुपये लागत का कफ सिरप 140 से 160 रुपये में बेचता था। जांच में सामने आया है कि उसने शहर और आसपास के 74 मेडिकल स्टोर में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई की थी, जबकि उसका रिटेल बिक्री लाइसेंस समाप्त हो चुका था। यह गिरफ्तारी राज्य में cough syrup scam के खिलाफ चल रही मुहिम में एक महत्वपूर्ण कदम है।
छापेमारी और अनियमितताएं
डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बताया कि अवैध कोडीनयुक्त सिरप के भंडारण के संबंध में औषधि निरीक्षक ने 12 अक्टूबर 2025 को रायपुरवा के देवनगर स्थित बालाजी मेडिकल स्टोर पर छापा मारा था। जांच में पाया गया कि औषधि की बिक्री ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट के प्रावधानों का उल्लंघन करते हुए बिना वैध अभिलेख, बिना स्टॉक रजिस्टर और बिना डॉक्टर के पर्चे के की जा रही थी। मेडिकल स्टोर संचालक ने बिलिंग और लेनदेन में भी भारी हेरफेर किया था।
बड़ी मात्रा में दवाओं की खरीद-फरोख्त
जांच में यह भी खुलासा हुआ कि सुमित केसरवानी ने अवैध तरीके से 55,671 कोडीनयुक्त कफ सिरप और 1.20 लाख एल्प्राजोलम टैबलेट खरीदे थे। इनमें से 2100 बोतलें कफ सिरप और 10,800 टैबलेट औषधि निरीक्षक ने जब्त किए थे। औषधि निरीक्षक की तहरीर पर सुमित केसरवानी के खिलाफ रायपुरवा थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। छापा पड़ने के बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था, जिसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
नेटवर्क और राजनीतिक कनेक्शन
क्राइम ब्रांच प्रभारी सूर्यबली पांडेय ने बताया कि आरोपी सुमित ने कोडीनयुक्त सिरप कारोबार के सरगना विनोद अग्रवाल से भी 1.59 लाख रुपये की दवाएं खरीदी थीं। इसमें 228 बोतल जिनसीरैक्स सिरप शामिल थे। लखनऊ की इदिका लैब साइंसेज से भी वह कोडीनयुक्त कफ सिरप खरीदता था, जिस पर अवैध भंडारण के मामले में लखनऊ के सरोजनी नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसी मामले में वाराणसी से एसटीएफ की लखनऊ यूनिट ने हाल ही में सरगना शुभम जायसवाल के नजदीकी सपा नेता अमित यादव को भी गिरफ्तार किया है, जो समाजवादी पार्टी के युवजन सभा के प्रदेश सचिव रह चुके हैं। यह दर्शाता है कि इस अवैध कारोबार के तार दूर-दूर तक फैले हुए हैं।
