रायबरेली हत्या का फरार आरोपी 13 साल बाद अहमदाबाद से गिरफ्तार, UP crime news
उत्तर प्रदेश के रायबरेली जिले में 2012 में एक रेलवे केबिन मैन की हत्या के मामले में फरार चल रहे मुख्य आरोपी को 13 साल बाद पुलिस ने गुजरात के अहमदाबाद से गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी लंबे समय से लंबित एक गंभीर अपराध के मामले में न्याय की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। गिरफ्तार आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था और वह अपनी पहचान छिपाकर अहमदाबाद में रह रहा था।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 47 वर्षीय संत कुमार, जो फतेहपुर के नौगांव का निवासी है, को लखनऊ और रायबरेली की विशेष जांच टीम ने 12 फरवरी को अहमदाबाद से पकड़ा। वह पिछले 13 सालों से पुलिस की गिरफ्त से बच रहा था। टीम ने लगभग चार महीने की सघन रेकी और निगरानी के बाद उसे अहमदाबाद के थलरेज मोहल्ले में गुलाब टॉवर के पास से गिरफ्तार किया, जहाँ वह अपने परिवार के साथ रह रहा था और एक निजी फैक्ट्री में काम कर रहा था।
जांच टीम ने बताया कि संत कुमार को अहमदाबाद कोर्ट से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर लखनऊ लाया गया है। उसके खिलाफ फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाने में हत्या, गुंडा एक्ट और आर्म्स एक्ट सहित पांच मामले दर्ज हैं, जबकि रायबरेली के जीआरपी थाने में हत्या का एक मामला दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, संत कुमार ने केबिनमैन कालीचरण की हत्या उसके बेटे कन्हैयालाल और दो अन्य आरोपियों के साथ मिलकर की थी। उन्होंने 2012 में ड्यूटी के दौरान केबिन में तार से गला घोंटकर कालीचरण की हत्या कर दी थी।
यह भी सामने आया है कि संत कुमार फतेहपुर जिले के हुसैनगंज थाना क्षेत्र में 1995 में हुई एक अन्य हत्या के मामले में भी दोषी ठहराया जा चुका है। उस मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश कोर्ट द्वितीय, फतेहपुर ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी, लेकिन वह उस मामले में भी फरार चल रहा था। इस गिरफ्तारी से न केवल रायबरेली के मामले में, बल्कि फतेहपुर के पुराने मामले में भी न्याय की उम्मीद बढ़ी है।
