पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट ‘लीक्ड वीडियो’ के नाम पर बड़ा online scam, डेटा चोरी का नया जाल
हाल ही में, ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट’ के नाम से एक लिंक इंटरनेट पर तेजी से फैला, जिसमें कथित तौर पर एक फिलिपिनो स्वर्ण पदक विजेता का लीक वीडियो होने का दावा किया गया था। हालांकि, यह कहानी किसी ओलंपिक घोटाले की नहीं, बल्कि एक बड़े ऑनलाइन धोखाधड़ी और फ़िशिंग नेटवर्क की है, जो लोगों की उत्सुकता का फायदा उठाकर उनके संवेदनशील डेटा को चुरा रहा है। इस मामले में ज़यान कैब्रेरा, जिसे ऑनलाइन जेरिएल क्राई4ज़ी के नाम से भी जाना जाता है, का नाम घसीटा गया है।
यह पूरा ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट’ का जाल बेहद सुनियोजित तरीके से बुना गया है। आकर्षक थंबनेल, ओलंपिक रिंग्स और सनसनीखेज कैप्शन का इस्तेमाल किया गया ताकि लोग इन पोस्ट पर क्लिक करें। दिलचस्प बात यह है कि ये पोस्ट ऐसे समय में फैले जब 2026 शीतकालीन ओलंपिक में लोगों की रुचि बढ़ रही थी। असल में, ज़यान कैब्रेरा किसी भी अंतरराष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता में भाग लेने वाले एथलीट नहीं हैं। उनके नाम को एक काल्पनिक ओलंपिक कहानी से जोड़ा गया ताकि सर्च एल्गोरिदम को भ्रमित किया जा सके और अधिक ट्रैफिक आकर्षित किया जा सके।
जब कोई व्यक्ति इस लिंक पर क्लिक करता है, तो वीडियो के बजाय उसे एक ऐसा पेज दिखाई देता है जिस पर लॉग इन करने, उम्र सत्यापित करने या विशेष वीडियो ऐप डाउनलोड करने जैसे निर्देश होते हैं। ये वेबसाइटें प्रामाणिक सोशल मीडिया और ईमेल प्लेटफॉर्म का नकली रूप धारण करती हैं। वेबसाइट का असली मकसद वीडियो दिखाने के बजाय मैलवेयर या स्पाइवेयर प्रोग्राम इंस्टॉल करवाना होता है, जो हैकर्स को मोबाइल डिवाइस और कंप्यूटर से व्यक्तिगत जानकारी चुराने में सक्षम बनाते हैं।
इससे पहले भी ऐसे कई online scam सामने आ चुके हैं, जिनमें ‘वेरा हिल’ और ‘चिची’ जैसे नामों का इस्तेमाल किया गया था। अलग-अलग चेहरे और कहानियां इस्तेमाल की जाती हैं, लेकिन तरीका वही रहता है: लोगों को नकली साइटों पर ले जाना और कथित निजी वीडियो का लालच देकर उनकी डिजिटल जानकारी प्राप्त करना। ऐसी योजनाएं विशेष रूप से उन लोगों को निशाना बनाती हैं जो वायरल या सनसनीखेज सामग्री देखने की जल्दी में होते हैं। साइबर कानून के तहत ऐसी सामग्री को साझा करना भी अवैध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह स्पष्ट है: ऐसे किसी भी संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, किसी भी अज्ञात ऐप को डाउनलोड न करें और किसी भी साइट पर अपनी लॉगिन जानकारी न डालें। अपनी डिजिटल सुरक्षा के प्रति सतर्क रहना ही इस तरह की धोखाधड़ी से बचने का एकमात्र उपाय है।
