फिलीपींस में ‘गोल्ड मेडलिस्ट’ स्कैम और राष्ट्रपति पर आरोपों से मची हलचल, Philippines news सुर्खियों में
फिलीपींस में इन दिनों दो प्रमुख डिजिटल विवादों ने देश का ध्यान अपनी ओर खींचा है, जिससे आम जनता के बीच सतर्कता बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। एक ओर, ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट वायरल वीडियो’ के नाम पर एक बड़ा फिशिंग स्कैम सक्रिय है, जो लोगों को अपनी जाल में फंसा रहा है। दूसरी ओर, व्लॉगर डीन चेज़ द्वारा राष्ट्रपति फर्डिनेंड “बोंगबोंग” मार्कोस जूनियर और फर्स्ट लेडी लीज़ा मार्कोस पर लगाए गए आरोपों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। ये दोनों ही मामले डिजिटल गलत सूचना और साइबर अपराध के गंभीर उदाहरण हैं, जिन पर सरकार और साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ लगातार चेतावनी जारी कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे फेसबुक और टेलीग्राम पर ‘पिनाय गोल्ड मेडलिस्ट वायरल वीडियो’ के नाम से कई पोस्ट प्रसारित हो रहे हैं। इन पोस्ट्स में फिलिपिनो इन्फ्लुएंसर जयान काब्रेरा के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके कथित लीक हुए वीडियो का दावा किया जा रहा है। साइबर विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक सुनियोजित फिशिंग अभियान है। यह अभियान 2026 शीतकालीन ओलंपिक के दौरान ‘गोल्ड मेडलिस्ट’ जैसे लोकप्रिय कीवर्ड का फायदा उठाकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहा है। जब कोई उपयोगकर्ता इस लिंक पर क्लिक करता है, तो उसे एक नकली फेसबुक लॉगिन पेज पर भेज दिया जाता है या एक संदिग्ध फ़ाइल डाउनलोड करने के लिए कहा जाता है, जिससे उसके खाते में सेंध लग सकती है।
विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि ये सभी दावे पूरी तरह से मनगढ़ंत हैं और इनका एकमात्र उद्देश्य लोगों की व्यक्तिगत जानकारी चुराना है। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी लीक या सनसनीखेज लिंक से दूर रहें और केवल विश्वसनीय समाचार स्रोतों पर ही भरोसा करें। कई मामलों में, उपयोगकर्ताओं के खातों से भी अनजाने में स्पैम पोस्ट साझा किए जा रहे हैं, जिससे यह घोटाला तेजी से फैल रहा है। साइबर सुरक्षा एजेंसियां इसे संगठित ऑनलाइन धोखाधड़ी का हिस्सा मान रही हैं।
इसी बीच, व्लॉगर डीन चेज़ द्वारा राष्ट्रपति फर्डिनेंड “बोंगबोंग” मार्कोस जूनियर और फर्स्ट लेडी लीज़ा अर्नेटा-मार्कोस के खिलाफ लगाए गए कथित आरोपों ने भी विवाद खड़ा कर दिया है। डीन चेज़ ने सोशल मीडिया पर कुछ कथित तस्वीरें और वीडियो साझा करने का दावा किया है, जिसमें उन्होंने गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन दावों को किसी भी स्वतंत्र एजेंसी या आधिकारिक निकाय द्वारा सत्यापित नहीं किया गया है। राष्ट्रपति भवन, मलाकान्यांग ने इन आरोपों को दुर्भावनापूर्ण गलत सूचना और झूठ करार दिया है और कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
सरकारी प्रवक्ताओं का कहना है कि बिना सत्यापन के ऐसी सामग्री फैलाना कानून के तहत अपराध हो सकता है और इसके लिए साइबर मानहानि जैसे आरोप लग सकते हैं। नागरिक संगठनों ने भी लोगों से अपील की है कि वे सनसनीखेज सामग्री से बचें और किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें।
