टीईटी अनिवार्यता पर शिक्षकों का आक्रोश, केंद्रीय मंत्री का पुतला फूंका: TET rule protest
टीईटी परीक्षा को शिक्षकों के लिए अनिवार्य बनाए जाने के फैसले के खिलाफ कानपुर देहात में शिक्षकों का गुस्सा भड़क उठा है। केंद्रीय शिक्षा राज्यमंत्री जयंत चौधरी के संसद में दिए गए बयान, जिसमें उन्होंने टीईटी अनिवार्यता का समर्थन किया, से शिक्षक आक्रोशित हैं। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुसार, बेसिक शिक्षा में सभी शिक्षकों के लिए टीईटी पास करना अनिवार्य है, सिवाय उन शिक्षकों के जो सेवानिवृत्ति के करीब हैं।
इस फैसले के खिलाफ शिक्षक संगठन और कई राज्य सरकारें सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिकाएं दायर कर चुकी हैं। शिक्षकों को उम्मीद थी कि केंद्र सरकार उनके पक्ष में पैरवी करेगी, लेकिन जयंत चौधरी के बयान ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। बुधवार को प्राथमिक शिक्षक संघ ने माती मुख्यालय पर रैली निकालकर विरोध जताया। उन्होंने केंद्रीय मंत्री के पत्र की प्रतियां जलाईं और उनके पुतले को आग के हवाले कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने टीईटी की अनिवार्यता को समाप्त करने और पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने की मांग की। इस विरोध प्रदर्शन में जिलाध्यक्ष ब्रजेश यादव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक शामिल थे।
यह विरोध प्रदर्शन शिक्षकों के भविष्य और उनकी सेवा शर्तों पर पड़ रहे संभावित प्रभाव को दर्शाता है, जिससे शिक्षण समुदाय में अनिश्चितता का माहौल है।
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