बागपत के सरकारी स्कूलों में छात्रों की सुरक्षा के लिए लगा ‘Anti Suicide Fan Rod’
उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में जिला प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। बोर्ड परीक्षाओं से पहले, जिले के तीन सरकारी आवासीय विद्यालयों में सीलिंग फैन के पुराने रॉड को बदलकर ‘एंटी सुसाइड फैन डाउन रॉड’ लगाए गए हैं। इन स्कूलों में लगभग 700 बच्चे रहकर पढ़ाई करते हैं, और यह कदम छात्रों को मानसिक तनाव या अन्य कारणों से आत्महत्या के प्रयासों को रोकने के लिए उठाया गया है।
बागपत सरकारी स्कूलों के हॉस्टल में एंटी सुसाइड रॉड लगाने वाला उत्तर प्रदेश का पहला जिला बन गया है। इस पहल के तहत, बागपत की डीएम अस्मिता लाल ने बताया कि 3 सरकारी आवासीय स्कूलों के कमरों में 250 एंटी सुसाइड फैन रॉड लगवाए गए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा या किसी दूसरी वजह से भी कोई छात्र आत्मघाती कदम ना उठा पाए, इस मकसद से यह तकनीक अपनाई गई है।
यह तकनीक मुंबई के शरद अशानी द्वारा 2017 में विकसित की गई थी। इस रॉड को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि अगर कोई व्यक्ति इस पर लटकने की कोशिश करता है, तो स्प्रिंग मैकेनिज्म के कारण रॉड नीचे झुक जाती है और व्यक्ति फर्श पर गिर जाता है। इससे आत्महत्या की कोशिश को रोका जा सकता है। यह तकनीक अब देश के कई राज्यों में स्कूल, अस्पताल और जेलों में इस्तेमाल हो रही है।
राष्ट्रीय अपराध नियंत्रण ब्यूरो (NCRB) की रिपोर्ट के अनुसार, देश में आत्महत्या के आधे से ज्यादा मामलों में मृतक पंखे, पेड़ या किसी ऐसी ही चीज से लटक जाते हैं। 2023 में देश में 1,71,418 लोगों ने आत्महत्या की थी, जिसमें से 60 फीसदी मामले झूलने की वजह से हुई मौत के थे। यह आंकड़ा शहरी क्षेत्रों में अधिक है, जहां आत्महत्या की दर 16.2 फीसदी है, जबकि राष्ट्रीय औसत 12.3 फीसदी है।
