KMC University News: भाषा विश्वविद्यालय में AI सर्टिफिकेट समेत कई नए कोर्स शुरू, होम साइंस की वापसी
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय (KMC University News) की अकादमिक परिषद ने हाल ही में हुई बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। कुलपति प्रो. अजय तनेजा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में शोध नवाचार को बढ़ावा देने और नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने पर जोर दिया गया। विश्वविद्यालय ने होम साइंस में बीएससी और एमएससी पाठ्यक्रम को फिर से शुरू करने का निर्णय लिया है, जो छात्रों के लिए एक बड़ी राहत है। इसके साथ ही, ललित कला संकाय के तहत बीए संगीत (वोकल) पाठ्यक्रम को भी स्वीकृति दी गई है।
शोध और AI पर विशेष ध्यान
विश्वविद्यालय ने छात्रों को भविष्य की तकनीकी आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब सभी स्नातक, स्नातकोत्तर और पीएचडी विद्यार्थियों के लिए 30 घंटे का ‘AI फॉर एवरीवन’ प्रमाणपत्र कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। यह पाठ्यक्रम वैल्यू एडेड कोर्स के रूप में संचालित होगा, जिसका उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की आधारभूत समझ प्रदान करना है।
शोध को प्रोत्साहित करने के लिए विश्वविद्यालय ने एक नई सेमिनार नीति को भी मंजूरी दी है। इस नीति के तहत विश्वविद्यालय स्तर के सेमिनार के लिए 20,000 रुपये, राष्ट्रीय सेमिनार के लिए 1 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय सेमिनार के लिए 2 लाख रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
नए पाठ्यक्रम और पीएचडी कार्यक्रम
बैठक में कई नए शैक्षणिक कार्यक्रमों को मंजूरी दी गई है। इनमें एमएससी जूलॉजी, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी, एमए समाज शास्त्र, एमए संस्कृत, बीए मनोविज्ञान और एमटेक स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग शामिल हैं। इसके अलावा, बीटेक साइबर सिक्योरिटी पाठ्यक्रम को भी मंजूरी मिली है, जिसमें उद्योग विशेषज्ञों द्वारा विशेषीकृत विषयों का अध्यापन कराया जाएगा। विधि अध्ययन संकाय, फार्मेसी और जैव प्रौद्योगिकी अभियांत्रिकी विभाग में पीएचडी कार्यक्रम शुरू करने का भी निर्णय लिया गया है।
अकादमिक परिषद ने बीपीईएस (बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन एवं स्पोर्ट्स) और बीपीएड पाठ्यक्रमों के लिए भी प्रवेश प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। अवधी शोध पीठ के अंतर्गत बीए इन अवधी कार्यक्रम और अवधी भाषा में प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे।
