राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को लखनऊ शहर की विभिन्न बस्तियों में भव्य हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में अनुशासन, एकजुटता और देशभक्ति की भावना प्रमुखता...
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को लखनऊ शहर की विभिन्न बस्तियों में भव्य हिंदू सम्मेलनों का आयोजन किया गया। इन आयोजनों में अनुशासन, एकजुटता और देशभक्ति की भावना प्रमुखता से दिखाई दी। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, सामाजिक कुरीतियों, सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण संरक्षण व नागरिक कर्तव्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखे।
एकजुटता के संदेश पर जोर देते हुए श्रीहनुमान सेतु मंदिर परिसर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में RSS के क्षेत्र संपर्क प्रमुख मनोज ने कहा कि जब समस्त हिंदू समाज एक होगा, तभी एकता के सूत्र का मंत्र सिद्ध होगा। उन्होंने कहा कि संघ देश की समस्याओं को समाप्त करने के संकल्प के साथ आगे बढ़ रहा है। लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर जेपी सैनी ने शिक्षा के माध्यम से राष्ट्र के उत्थान की बात कही।
राम मंदिर निर्माण में हिंदू जागरण की भूमिका
विराट खंड गोमती नगर स्थित लखनऊ पब्लिक स्कूल में आयोजित सम्मेलन में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्रा ने हिंदू समाज की एकजुटता का उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज के जागरण से ही अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर साकार हुआ है। भास्कर प्रज्ञान आश्रम के संस्थापक स्वामी भास्करानंद सरस्वती महाराज ने हिंदू समाज से अपने बच्चों को सनातनी संस्कार देने और हिंदुत्व की पहचान से जोड़ने का आह्वान किया।
भारत की उन्नति के लिए एकजुटता जरूरी
सुशांत गोल्फ सिटी में आयोजित हिंदू सम्मेलन व समरसता भोज में विभाग कुटुम्ब प्रबोधन प्रमुख धीरज भारद्वाज ने भारत को उन्नतिशील बनाए रखने के लिए हिंदू समाज के एकजुट और समरस होने को जरूरी बताया। इन सभी सम्मेलनों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया, जिसमें देशभक्ति गीत और भगवान श्रीराम पर आधारित भजन व नृत्य प्रस्तुत किए गए।