लखनऊ में शेयर ट्रेडिंग के नाम पर साइबर ठगी, Angel One CEO की सेक्रेटरी बनकर 93 लाख ठगे
लखनऊ में साइबर ठगी के दो बड़े मामले सामने आए हैं, जिनमें ठगों ने शेयर बाजार में निवेश के नाम पर दो अलग-अलग लोगों से कुल 93.54 लाख रुपये हड़प लिए। पीड़ितों ने लखनऊ साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
पहला मामला गोमती नगर के विराटखंड निवासी विशाल ओझा से जुड़ा है। विशाल ओझा शेयर ट्रेडिंग करते हैं और सोशल मीडिया के जरिए उनकी पहचान यशवंत नामक व्यक्ति से हुई। यशवंत ने उन्हें शेयर बाजार में निवेश पर 20 प्रतिशत मुनाफे का लालच दिया। शुरुआत में कुछ ट्रेडिंग के बाद विशाल के 14.50 लाख रुपये डूब गए। इसके बाद 11 नवंबर को विशाल के पास एक अनजान नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाली महिला ने खुद को Angel One कंपनी के सीईओ अंबरीश की पर्सनल सेक्रेटरी सानिका गोखले बताया। उसने विशाल को मुनाफे का झांसा देकर एक व्हाट्सएप ग्रुप ‘एएजीवीएएन प्रो’ से जोड़ दिया, जिसमें पहले से 100 सदस्य थे। ग्रुप में सभी सदस्य मुनाफे की बात कर रहे थे। विशाल ने 9 दिसंबर से 12 जनवरी के बीच अलग-अलग किस्तों में 87.59 लाख रुपये निवेश कर दिए। जब उन्होंने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया और संपर्क तोड़ दिया।
दूसरा मामला महानगर सेक्टर-ए निवासी सेवानिवृत्त अधिकारी शेखर खन्ना के साथ हुआ। ठगों ने उनके बैंक खाते से नौ बार में 5.95 लाख रुपये निकाल लिए। पीड़ित ने पुलिस को बताया कि उनके पास कोई कॉल नहीं आई और न ही उन्होंने किसी को ओटीपी साझा किया। इसके बावजूद साइबर ठगों ने उनके खाते की रकम ट्रांसफर कर ली।
साइबर क्राइम थाने के इंस्पेक्टर ब्रजेश यादव ने बताया कि शेखर खन्ना के खाते से निकाली गई राशि में से 50 हजार रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। विशाल ओझा की रकम फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों से संपर्क किया जा रहा है। मामले की जांच जारी है।
